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चिट्ठीरसां

‘मोट्यारिन’ के शब्द, डायरी (26 मई, 2022) 

 शब्द मुझे बेहद प्यारे लगते हैं। इसलिए प्रयास करता हूं कि हर दिन कम से कम एक शब्द अपने शब्दकोश में अवश्य जोड़ूं। फिर शब्द किसी भी भाषा व…
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सीता, द्रौपदी और जोधा बाई, डायरी (25 मई, 2022) 

सपने मेरे लिए अत्यंत ही महत्वपूर्ण हैं। बाजदफा ही ऐसा कोई सपना आता है, जिनके आने पर मैं खुद की कमियों का आकलन करने लगता हूं।…
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सियासत, समाज और इश्क, डायरी (24 मई, 2022)

 सियासत के मामले में मेरी एक राय यथावत है कि सियासत करनेवाले कभी सीधी रेखा का अनुगमन नहीं करते। सियासत ऐसे की भी नहीं जाती है।…
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सुप्रीम कोर्ट की नीयत में खोट- संदर्भ : बथानी टोला नरसंहार (डायरी 23 मई, 2022)

निस्संदेह देश जब विभाजत हुआ था तब बहुत कुछ हुआ। इस संबंध में खूब सारा साहित्य उपलब्ध है। दोनों तरफ के लोगों को परेशानियां हुईं और भयानक…
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अदालत-अदालत का फर्क या फिर कुछ और? (डायरी 22 मई, 2022)

यह कोई नई बात नहीं है कि सेवानिवृत्त हो चुके जजों के अलावा नौकरशाहों की अंतरात्मा जाग जाती है। उनके बयान ऐसे प्रतीत होते हैं गोया वे सच्चाई…
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आंबेडकरवाद और एकजुट लड़ाई की जीत है प्रोफेसर रतनलाल की रिहाई

सत्ता का रवैया देखते हुए जिस बात की आशंका थी, वह सामने आ ही गयी। फेसबुक पर ज्ञानवापी मस्जिद में मिले शिवलिंग, जिसे एक तबका फव्वारा बता रहा…
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 बकवास करने का अधिकार केवल ब्राह्मण वर्गों को है (डायरी 21 मई, 2022) 

हम जिस देश में रहते हैं, वहां बकवास बहुत किया जाता है। लेकिन सनद रहे कि बकवास करने का अधिकार सभी को नहीं है। ठीक वैसे ही जैसे कि गांवों में…
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अदालतों में कहानियां लिखी नहीं, गढ़ी जाती हैं (डायरी 20 मई, 2022) 

कहानियाें का लेखन सुंदर काम है। यह कहानियां लिखनेवाला ही समझ सकता है। परकाया प्रवेश के जैसा होता है बाजदफा यह। मतलब यह कि जो आप नहीं हैं, आप…
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क्या इस देश का ओबीसी कृपा का पात्र है?, डायरी (19 मई, 2022) 

देश में अन्य पिछड़ा वर्ग के लोग कितने हैं, इसका सटीक आंकड़ा भारत सरकार के पास नहीं है। वजह यह है कि वर्ष 1931 के बाद भारत में जातिगत…
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सुप्रीम कोर्ट लिंग का मतलब समझती होगी, यह अपेक्षित है (डायरी 18 मई, 2022) 

धर्म का जीवन में अहम स्थान है। इससे मैं भी इंकार नहीं करता। लेकिन मेरे लिए धर्म का कोई महत्व नहीं है। फिर चाहे वह कोई भी धर्म हो। और मेरी…
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