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दक्खिन टोले का कहानीकार (सुभाषजी के जन्मदिवस के मौके पर)

सुभाष चंद्र कुशवाहा एक कर्मयोगी साहित्यकार और संवेदनशील इंसान हैं। उनका जीवन गहरी मशक्कत और अनुशासन का एक बेहतरीन उदाहरण है। उनकी सारी…
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नहीं रहे मार्क्सवादी आलोचक और जनकवि रामनिहाल गुंजन

सुप्रसिद्ध जनकवि, मार्क्सवादी आलोचक और जनसंस्कृति मंच, बिहार के पूर्व राज्य अध्यक्ष रामनिहाल गुंजन का मंगलवार की सुबह निधन हो गया है। उनके…
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भारतीय सामाजिक क्रान्ति के सूर्य ज्योतिबा फुले

बहुत पहले किसी विद्वान का यह कथन पढा था कि ‘अज्ञानता के अंधकार में जीने वाला मनुष्य कभी अपने जीवन के लक्ष्य तक नहीं पहुंच सकता।’ यह भी पढा…
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मराठी की पहली दलित गद्यकार जिसने ब्राह्मणवादियों के दाँत खट्टे कर दिये

आज से एक सौ सड़सठ साल पहले सावित्रीबाई फुले के विद्यालय में पढ़ने वाली तीसरी कक्षा की एक छात्रा मुक्ता साल्वे ने भारतीय इतिहास के वंचित और…
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लालू यादव की राजनीतिक हत्या के लिए चारा घोटाले का इस्तेमाल

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव को फिर से जेल की सजा हुई है। रांची की एक अदालत ने उन्हे चारा घोटाले का दोषी पाया है। वैसे लालू…
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साहित्य समाज ने खोया एक मौन साधक

पूरे देश में बसंत की लहर चल रही थी।  साहित्यकार बसंती रचनाओं से अपनी डायरियों के पन्ने रंग रहे थे। ऐसे में एक साहित्यकार अपने बिस्तर पर…
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क्या शुद्रातिशूद्र समाज ने शिवाजी के राज्याभिषेक की कीमत चुकाई?

आज विश्व इतिहास के महान योद्धाओं में से एक छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती है। इतिहास के एक ऐसे दौर में जब पूरे भारत में मुसलमानी सत्ता से…
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सत्ता और समाज परिवर्तन का ब्लूप्रिंट है बेगमपुरा

दूसरा और अंतिम भाग गौरतलब है, शोषण-उत्‍पीड़न के मामले में यदि सत्ता और बहुलतावादी समाज का गठजोड़ हो जाता है तो उत्‍पीड़ित की स्थिति बेहद…
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प्रधानमंत्री बनने से पहले वी पी सिंह का अतीत

वी पी सिंह को समझने के लिए उनके बचपन और युवावस्था के दिनों को समझना होगा। दरअसल वह अपने दत्तक पिता मांडा के राजा रामगोपाल सिंह और अपने जैविक…
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