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बातचीत

भगवान ने हिंदू समाज के अन्य लोगों की तुलना में दलितों को अधिक नुकसान पहुंचाया है

डॉ. आरएम पाल (17 जुलाई, 1927 - 13 अक्टूबर, 2015) दिल्ली में राजधानी कॉलेज के प्रिंसिपल थे। उन्होंने मानवाधिकार संगठन पीपुल्स यूनियन फॉर…
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अंबेडकरवादी विचार तो फैला है लेकिन दलितों का कोई बड़ा लीडर नहीं है

तीसरा और अंतिम भाग क्या आप बामसेफ जैसे सामाजिक संगठनों या कर्मचारी यूनियनों से भी जुड़े? यदि हाँ, तो वहाँ आपकी क्या-क्या गतिविधियां थीं?…
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सामाजिक क्षेत्र में राजनीति से ज्यादा बड़ा योगदान किया जा सकता है

दूसरा भाग- आपने सेण्टर फॉर दलित राइट्स की स्थापना उस वक्त की जब राजस्थान में मानवाधिकारों के प्रश्न पर बहुत कुछ नहीं था बल्कि मानवाधिकारों…
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चकवाड़ा में परंपरा के नाम पर अस्पृश्यता को बनाए रखने और बैरवाओं के बहिष्कार का नेतृत्व विश्व हिन्दू…

‘म्हारो राजस्थान मा’ दलितों को मारते भी थे रोने भी नहीं देते थे... पहला भाग  मीमरौठ साहेब, राजस्थान में आज दलितों की स्थिति कैसी है?…
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जाति को उजागर करने के लिए मुझे दलितों से ही धमकियां मिलने लगीं

हैरानी की बात यह है कि अगर आपने किसी से पब का असली नाम पूछा तो किसी को पता नहीं चलता। अगर आप किसी से 'चमार पब' के बारे में पूछेंगे तो लोग पब…
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लोग अपने बच्चों को बताते कि दलित उनके खेतों व घरों में नौकर थे और नीच हैं!

पहला भाग - भारतीय जहां भी गए अपनी सामाजिक-सांस्कृतिक गंदगी साथ लेते गए। उदाहरण के तौर पर जाति और जातिवाद उनकी रगों में बहता हुआ…
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पौराणिक ग्रन्थों पर रोक लगनी चाहिए, जिनसे समाज में डर और विद्वेष पैदा होता है..

अभी हाल ही में डॉ ओमशंकर द्वारा फेसबुक पर परशुराम को लेकर की गई टिप्पणी पर उनके खिलाफ एफआई आर दर्ज की गई। यह अभिव्यक्ति के मौलिक अधिकार पर…
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1984 में दिल्ली के त्रिलोकपुरी में सिख विरोधी हत्याओं का एक चश्मदीद

जोसेफ मलियाकन एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्होंने उस समय इंडियन एक्सप्रेस के साथ काम किया था जब इंदिरा गांधी की हत्या के बाद दिल्ली जल रही थी।…
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गरीबी और जाति दोनों के परिचालन एवं प्रभाव की तीक्ष्णता तथा मारकता में ज़मीन-आसमान का अंतर होता है

तीसरा और आखिरी भाग क्या ग़रीबी और जाति-भेद व्यक्ति को समान रूप से रोकते हैं या कोई अधिक घातक है? ग़रीबी और जाति-भेद व्यक्ति के जीवन में…
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अन्य पात्र के माध्यम से घटनाओं को व्यक्त करना हमेशा ही दोयम दर्जे का होगा

दूसरा हिस्सा आपकी पहली किताब कब आई? मेरी पहली पुस्तक प्रवंचना 1978 में तैयार हो गई थी जिसके प्रकाशन हेतु मैं और मेरे भाई साहब प्रयासरत थे।…
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