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सामाजिक न्याय

क्या उत्तराखंड में चिपको आन्दोलन फिर से जीवित हो रहा है

उत्तराखंड में मंदोदरी देवी ने जल, जंगल और ज़मीन के सवाल को फिर से ज़िन्दा कर दिया है। कॉर्पोरेट द्वारा प्राकृतिक संपदाओं की लूट और विकास के…
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ओबीसी आरक्षण की सीढ़ी से सत्ता पर काबिज़ होने की जद्दोजहद

मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान में असमान आरक्षण कोटा सामाजिक न्याय के प्रतिकूल मध्य प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा…
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भगवा आईटी सेल सिर्फ अहीरों पर ही क्यों पोस्ट लिखता है?

एक यादव आईएएस अधिकारी, जो इतिहासकार भी हैं, द्वारा लिखा गया इस प्रकार का 'कटु सत्य' सोशल मीडिया पर वायरल हुआ - मैं ब्राम्हणों का बहुत…
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बहुजन छात्रों के साथ नाइंसाफी का जिम्मेदार आखिर कौन है

23 जुलाई, 2022 के हिन्दू समाचार पत्र में एक महत्वपूर्ण ख़बर है कि मदुरई के कम्युनिस्ट पार्टी के सांसद एस वेंकटेशन के एक सवाल के जवाब में…
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सच्चर आयोग के पंद्रह साल बाद क्या मुसलमानों की स्थिति में कोई सुधार आया?

सच्चर कमेटी रिपोर्ट को डेढ़ दशक से ज्यादा समय बीत चुके हैं। साल 2006 में जब तत्कालीन यूपीए सरकार द्वारा सच्चर कमेटी की रिपोर्ट जारी की गयी थी…
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क्या हिमांशु कुमार ने कोई कानून तोड़ा है?

14 जुलाई, 2022 को सर्वोच्च न्यायालय ने हिमांशु कुमार द्वारा दायर याचिका पर फैसला सुनाया। उनके द्वारा दिए तथ्यों और प्रत्यक्षदर्शियों द्वारा…
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आजादी के 75 वर्षों बाद भी अपरकास्ट का वर्चस्व क्यों नहीं टूटा?

डॉ. सिद्धार्थ रामू समकालीन भारत के बेहतरीन लेखकों में एक हैं, जिनका लिखा खासतौर से वंचित बहुजन समाज के लोग बहुत चाव से पढ़ते हैं। हाल ही में…
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तीस्ता सीतलवाड़ और आरबी श्रीकुमार की गिरफ़्तारी के विरोध में धरना

वाराणसी। जानी-मानी सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ गुजरात दंगे के समय में पीड़ितों को न्याय दिलाने वाली एक सशक्त आवाज हैं। तीस्ता…
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जिन्होंने पिछड़ों के लिए कुर्सी गँवाई पिछड़े ही उन्हें कभी याद नहीं करते!

व्यक्तिगत तौर पर विश्वनाथ प्रताप सिंह बेहद निर्मल स्वभाव के थे और प्रधानमंत्री के रूप में उनकी छवि एक मजबूत और सामाजिक, राजनैतिक दूरदर्शी…
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