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विस्थापन

किसके लिए बन रहा है आजमगढ़ अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा

पहला हिस्सा  आज़मगढ़ में बनाए जानेवाला मंदुरी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा कई विडंबनाओं का शिकार हो चुका है। अब न केवल उसके औचित्य पर सवालिया…
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महिला पंचायत में उठी हुंकार ‘न जान देंगे न ज़मीन देंगे’

सुनीता भारती की उम्र अभी 18 साल हुई है और वह समाजशास्त्र में एमए कर रही हैं। अपने आस-पास होनेवाली हर घटना के प्रति सुनीता का अपना स्वतंत्र…
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आधी रात में ज़मीन की पैमाइश और महिलाओं पर लाठीचार्ज करती योगी सरकार

आजमगढ़ के आठ गाँव उजाड़े जाने की सरकारी कवायद चालू है लेकिन ग्रामीणों का प्रतिरोध भी अपने चरम की ओर है। सरकारी अधिकारी-कर्मचारी गाँव के लोगों…
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नौगढ़ के एक गाँव के विस्थापित अपना गाँव उठा लाए दूसरी जगह

चंदौली के आदिवासी इलाकों में वनाधिकार पट्टे के लिए पुरजोर कोशिश कर रहे ग्रामवासी अपने पुराने कागज़-पत्तर ठीक कर रहे हैं। बहुतों के पास तो…
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क्या सोच रहे हैं विस्थापन की दहशत के बीच तमनार के लोग

तमनार विकासखंड में महाजेनको यानी महाराष्ट्र स्टेट पावर जनरेशन कंपनी लिमिटेड को खनन के लिए 2015 में खदान आबंटित हुई है। तमनार विकासखण्ड में…
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ज़मीन की लूट और मुआवजे के खेल में लगे सेठ-साहूकार और अधिकारी-कर्मचारी

कहते हैं चतुर आदमी चालीस साल आगे का सोचकर निर्णय लेता है। और जिसके मुंह में मुनाफे का शहद लगा हो उससे ज्यादा चतुर कोई हो नहीं सकता। ऐसे चतुर…
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करसड़ा के उजाड़े गए मुसहर परिवार नौकरशाही के आसान शिकार बन गए हैं

एक बार बेघर हुआ आदमी आसानी से आबाद नहीं होता। वाराणसी जिले की राजातालाब तहसील के करसड़ा के मुसहर परिवारों की यही त्रासदी है जिन्हें पिछड़े साल…
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बनारस के उजड़ते बुनकरों के सामने आजीविका का संकट गहराता जा रहा है

बनारस की सबसे घनी और गंदी बस्तियों में से एक लल्लापुरा अपनी कहानी कहने के लिए किसी उपमान को खोजने की मोहलत नहीं देता। बड़ी आसानी से आप समझ…
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सहमति का उत्पादन: गाँव वालों से उद्योगों के लिए जमीन लेने के नये तरीके

वह दिन अब गुजरे जमाने की बात हो गयी जब पूंजीपति उद्योग स्थापित करने के लिए सरकार के पास जमीन अधिग्रहण के लिए जाते थे कि वह किसानों से जमीन…
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