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संविधान

कश्मीर के इतिहास को तोड़ना-मरोड़ना शांति की राह में बाधक होगा

कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाते समय यह दावा किया गया था कि इससे घाटी में शांति स्थापित होगी और परेशानहाल कश्मीरी पंडित समुदाय को सुरक्षा मिल…
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स्थापना के साढ़े छह दशक बाद भी पर्याप्त रेल संपर्क से वंचित है मध्यप्रदेश

मध्य प्रदेश (छत्तीसगढ़ समेत) का गठन 1 नवम्बर, 1956 को हुआ था। राज्यों के पुनर्गठन के लिए एक विशेष आयोग बनाया गया था जिसका नाम राज्य पुनर्गठन…
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क्या हमारे न्यायाधीश मानवीय कमजोरियों से सर्वथा मुक्त हो सकते हैं?

विगत दिनों सुप्रीम कोर्ट के अनेक फैसले नकारात्मक कारणों से चर्चा में रहे। इनमें कुछ फैसले जरा पुराने थे और कुछ एकदम हाल के। इन फैसलों के…
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तिरंगे के जज्बे को फिर से जगाना जरूरी

इस साल (2022) के 15 अगस्त को हम अंग्रेजों की गुलामी से हमारे देश की मुक्ति की 75वीं वर्षगांठ मनाएंगे। यह समय है आत्मचिंतन का और अपने आपको एक…
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आजादी के 75 वर्षों बाद भी अपरकास्ट का वर्चस्व क्यों नहीं टूटा?

डॉ. सिद्धार्थ रामू समकालीन भारत के बेहतरीन लेखकों में एक हैं, जिनका लिखा खासतौर से वंचित बहुजन समाज के लोग बहुत चाव से पढ़ते हैं। हाल ही में…
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कानून के साथ खिलवाड़ करने का विरोध किया जाना चाहिए

राष्ट्रीय सेकुलर मंच के संयोजक एलएस हरदेनिया ने उदयपुर में दर्जी कन्हैया लाल का सिर कलम किए जाने की नृशंस घटना की भर्त्सना की है। साधारणतः…
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क्या भारत संविधान की बजाय सभ्यता की संकीर्ण व्याख्या पर चलेगा?

कुछ वर्ष पहले संविधान से अनुच्छेद 370 हटाया गया था। हमारे उच्चतम न्यायालय को अभी यह फैसला देना बाकी है कि यह निर्णय संवैधानिक था या नहीं।…
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साम्प्रदायिकता से संघर्ष को स्थगित रखना घातक

जब सुप्रीम कोर्ट ने असाधारण तत्परता से अनवरत सुनवाई कर राम मंदिर विवाद में बहुसंख्यक समुदाय की भावनाओं के अनुकूल फैसला दिया था तब भारतीय…
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इलाहाबाद हाईकोर्ट का शुक्रिया

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने तीन कश्मीरी छात्रों को जमानत दे दी है। इन छात्रों को देशद्रोह के आरोप में  गिरफ्तार किया गया था। इनपर आरोप था कि पिछले…
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