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समाज और संस्कृति

पुरुष क्यों महिलाओं को घर की मुर्गी समझता है?

आज 2 दिसंबर 2022 को महिला उत्पीड़न व लैंगिक मुद्दों पर जागरुकता एवं संवेदनशीलता प्रसार हेतु हरिश्चन्द्र महाविद्यालय में दखल संगठन के द्वारा…
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हिंसा और यातना लोकतंत्र और स्थायी विकास के लिए खतरा है

यातना मुक्त समाज के लिए बहुलतावाद क्यों जरूरी है? विषय पर संवाद का आयोजन वाराणसी में बघवानाला स्थित मिर्ज़ा ग़ालिब ग्लोबल सेंटर फॉर…
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संविधान आधारित सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता का आयोजन किया गया

संविधान दिवस के अवसर पर हो रहे विभिन्न कार्यक्रमों के बीच सामाजिक संस्था आशा ट्रस्ट ने एक अलग तरीके के अभियान की शुरुआत की है। संस्था…
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 लिंग आधारित हिंसा को ख़त्म कर के ही देश का विकास संभव है

दिनांक 25 नवम्बर को 16 दिवसीय महिला हिंसा विरोधी पखवाड़े की शुरुआत 25 नवम्बर को भारतीय शिक्षा निकेतन उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, मुबारकपुर,…
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महिला हिंसा के विरुद्ध कार्यक्रम

प्रतिवर्ष 25 नवम्बर को अंतर्राष्ट्रीय महिला हिंसा विरोध दिवस हिंसा के खिलाफ समाज को जागृत करने के लिए पूरे विश्व में मनाया जाता…
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‘नदलेस’ ने की कहानी एवं काव्य पाठ गोष्ठी

दिल्ली। नव दलित लेखक संघ (नदलेस) की मासिक-गोष्ठी का आयोजन आनंद मित्रा बुद्ध बिहार खानपुर, नई दिल्ली में किया गया। गोष्ठी की अध्यक्षता बंशीधर…
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ट्रांसजेंडर डे ऑफ रिमेम्ब्रेंस के अवसर पर संवैधानिक अधिकारों पर विमर्श

वाराणसी। मलदहिया स्थित एक निजी रेस्टुरेंट में ट्रांसजेंडर डे ऑफ रिमेम्ब्रेंस के अवसर पर प्रिज्मैटिक इंडिया की ओर से कार्यशाला का आयोजन किया…
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राजनीति द्वारा हर स्तर पर प्रभावित जीवन को साहित्य कैसे रचेगा?

समय निरंतर बदलता है और उसके साथ जीवन और परिवेश भी। जैसे किसान के हल को ले लीजिए। आज से लगभग पंद्रह साल पहले अस्सी प्रतिशत किसानों के पास हल…
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सामूहिकता और सामुदायिकता के लिए रंगमंच आवश्यक : डॉ. पल्लव 

नई दिल्ली। हिन्दू मन, अरमान, लालसाएँ, उम्र की तलब सबके पास होती हैं। मेरे पास भी हैं। पर किस कीमत पर? जब-जब कुछ कहना चाहा है, सबने मजाक उड़ाई…
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कब तक रुके रहेंगे ये फैसले उर्फ सिनेमा में न्याय व्यवस्था का चित्रण

भारतीय संविधान में देश की राजव्यवस्था को संचालित करने के लिए व्यवस्थापिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका की व्यवस्था की गई थी और इन तीनों पर…
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