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साहित्य

राजनीति द्वारा हर स्तर पर प्रभावित जीवन को साहित्य कैसे रचेगा?

समय निरंतर बदलता है और उसके साथ जीवन और परिवेश भी। जैसे किसान के हल को ले लीजिए। आज से लगभग पंद्रह साल पहले अस्सी प्रतिशत किसानों के पास हल…
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काक चेष्टा भंगिमाओं की मोरपंखी कहानियाँ

बिसराम बेदिया मरता नहीं है, मरकर जीवित हो जाता है, सोगराम बेदिया के रूप में। सोगराम में आ जाती है बिसराम की आत्मा....। जैसे बिसराम में…
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अमृत महोत्सव के दौर में प्रतिरोध

विषयक प्रगतिशील लेखक संघ दिल्ली इकाई द्वारा  गालिब ऑडिटोरियन माता सुन्दरी रोड दिल्ली में दिनांक 8 से 9 अगस्त. 2022 तक दो दिवसीय विभिन्न…
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कक्षा के भीतर के व्यवहारों और पूर्वाग्रहों पर सवाल उठाती किताब

बच्चे मशीन नहीं होते मात्र एक किताब नहीं बल्कि एक शोधार्थी, एक स्कूल अध्यापक, एक मेंटर टीचर और एक सहायक प्रोफेसर की जीवन यात्रा के दौरान के…
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मुस्तफा हुसैन ‘मुश्फिक’ की गीत-यात्रा

कनखी कनखी तकी चुनरिया फूटी रस की  कहां बदरिया  गरल पात्र भर गये सुधा में हम भी भींगे वर्षा में । भींगों भाई कौन रोक सकता है, आपको अब तो आप…
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सच का आईना दिखाती सोच पत्रिका का प्रवेशांक सफर

नव दलित लेखक संघ (नदलेस) ने अपने गठन (14 सितम्बर, 2021) के समय ही छमाही पत्रिका सोच को प्रकाशित करने का बीड़ा उठाया था। जिसकी परिणति वार्षिक…
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ज़रूरत के बंधन से मुक्ति के आकाश तक 

(केरल की महिला किसानों द्वारा की जा रही साझा खेती का अध्ययन) पिछले दिनों एक पुस्तक का विमोचन दिल्ली के कंस्टीटूशन क्लब में हुआ जिसका शीर्षक…
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हिंदी साहित्य में स्त्री आत्मकथा लेखन

भारतीय संस्कृति में मानव निर्माण के साथ दो जातियों का निर्माण हुआ। स्त्री एवं पुरुष। पूर्व में स्त्री पुरुष के समान अधिकार युक्त थी। काल के…
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प्रेमचंद ने समाज की विसंगतियों से कलम के बल पर होड़ लिया – कृष्ण कुमार यादव

 वाराणसी। मुंशी प्रेमचंद एक साहित्यकार, पत्रकार और अध्यापक के साथ ही आदर्शोन्मुखी व्यक्तित्व के धनी थे। एक पत्रकार को कभी भी…
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छोटे किसान क्यों लगातार बनते जा रहे हैं मजदूर

शहरों में बैठे जिन लोगों को लगता है कि खेती करना बहुत आसान है, ऐसे लोगों को प्रेमचंद की कहानी पूस की रात जरूर पढ़नी चाहिए। किसान जाड़ा,…
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