Browsing Tag

सुधा अरोड़ा

लेखक की निजी ज़िन्दगी और रचना संसार के बीच का ‘नो मेंस लैंड’

नंदिता दास की फिल्म ‘मंटो’ हमारे बेहद अजीज़ रचनाकार मंटो पर निर्मित फिल्म के रिलीज़ होने का इंतजार था ! मंटो हमारे शहर में आएं और हम मिलने न…
Read More...

इक्कीसवीं शताब्दी के पुरुष में भी ओथेलो मौजूद है

बातचीत का चौथा हिस्सा जब आप कहानी लिखती हैं तो मन:स्थिति कैसी होती है। थोड़ा रचनाप्रक्रिया पर भी प्रकाश डालें?  शुरू के दो तीन सालों को…
Read More...

लेखक समाज के आगे मशाल लेकर चलता है यह मुहावरा अब भ्रम पैदा करता है

बातचीत का तीसरा हिस्सा लेखक का एक्टिविज्म से जुड़ना कितना जरूरी है ? लेखक को हर उस चीज़ से जुड़ना चाहिए जो लोगों की ज़िन्दगी में सकारात्मक…
Read More...

स्त्री सशक्तीकरण और जागरुकता के लिए स्त्री विमर्श एक कारगर औजार है

बातचीत का दूसरा हिस्सा • अपनी कहानियों या किताबों में से आप किसे अधिक सफल मानती हैं और क्यों? एक किताब आयी है–आम औरत: ज़िदा सवाल। पिछले…
Read More...