रामजनम
पूर्वांचल
बनारस में एक नई शुरुआत है ‘बिरहा में कबीर’
पिछले दिनों विद्या आश्रम सारनाथ में एक नई शुरुआत हुई - बिरहा में कबीर। लोक विद्या जनांदोलन, गांव के लोग, अगोरा प्रकाशन और रामजी यादव आर्काइव द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में एकमात्र कलाकार बिरहा गायक सतीशचन्द्र यादव थे। मूल रूप से रसड़ा, बलिया के निवासी सतीश अब स्थायी रूप से बनारस में रहते हैं और यहाँ तुलसी निकेतन में शिक्षक हैं। वह नब्बे के दशक में बिरहा में सक्रिय हुये और जल्दी ही अपनी मजबूत पहचान बना ली। विगत वर्षों में उन्होंने सैकड़ों कार्यक्रमों में शिरकत किया। महात्मा बुद्ध की भूमि सारनाथ स्थित विद्या आश्रम में आयोजित ‘बिरहा में कबीर’ कार्यक्रम को देख-सुनकर यही लगा कि यह विधा अपनी सामाजिक भूमिका को एक नया अंदाज़ और आयाम देने जा रही है।
पूर्वांचल
मऊ में अतुल अनजान की स्मृतिसभा और कृषि संकट पर विचार गोष्ठी
ऐसे दौर में जबकि किसान भुखमरी और कर्ज़ के बोझ से दबकर आत्महत्या कर रहे हैं,और पूंजीपतियों का क़र्ज़ माफ़ किया जा रहा है। ऐसे वक्त में कॉमरेड अतुल कुमार अंजान के दिखाए गए संघर्ष के रास्ते की अहमियत बहुत बढ़ जाती है। राहुल सांकृत्यायन सृजनपीठ, भुजौटी के सभागार में किसान नेता कॉमरेड अतुल कुमार अनजान महासचिव अ. भा. किसान सभा, की स्मृति में 'गहराता कृषि संकट : जनमानस के समक्ष चुनौतियां' विषय पर एक विचार गोष्ठी व श्रद्धांजलि का आयोजन किया गया।
ग्राउंड रिपोर्ट
मऊ के बुनकरों के लिए क्यों खोती जा रही है भविष्य की उम्मीद
साठ के दशक में अपनी बुनकरी के चलते पूर्वाञ्चल का मैनचेस्टर कहा जानेवाला मऊ शहर दिनोदिन बदहाली का शिकार होता जा रहा है। यहाँ...

