Monday, June 24, 2024
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राजस्थान : आंगनबाड़ी केंद्रों को आधुनिक और डिजिटल बना देने भर से आधारभूत समस्याएँ खत्म नहीं होती

देश के हर राज्य की सरकार अपने कामकाज और विभागों को स्मार्टफोन या टैबलेट उपलब्ध करा कर ऑनलाइन काम करने की सुविधा प्रदान कर रहा है। ताकि उनके विभागों का डिजिटलाइशेन हो चुका है, लेकिन काम करने वाली आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का कहना है कि जब तक पानी, शौचालय, पोषणाहार की व्यवस्था नहीं होगी तब तक बच्चे और गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य बेहतर कैसा होगा?

उदयपुर : प्रोफेसर हिमांशु पंड्या पर संघी गुंडों के हमले की देशभर में निंदा

लोकतान्त्रिक देशों में अभिव्यक्ति की आजादी पर रोक लगे या बोलने वाले पर हमला किया जाए, तब इसे फासीवाद की संज्ञा दी जाती है। अभी 4 जून को इस विशाल लोकतान्त्रिक देश में नए चुनाव हुए। मतदातओं के हिंदुत्ववादी राजनीति के व्यापक निषेध के बावजूद फासीवाद दौर खत्म नहीं हुआ बल्कि अब अधिक बर्बर रूप में सामने आने की आशंका है।

वाराणसी : चार दिवसीय ग्रीष्मकालीन शिविर में बच्चों ने खूब किया एंजॉय

दस माह के स्कूल के बाद जब दो महीने की ग्रीष्मकालीन छुट्टियाँ मिलती हैं तो बच्चे और उनके साथ माता-पिता भी थोड़ी राहत महसूस करते हैं। इन्हीं दो महीने की छुट्टियों में बच्चे को यदि कोई मजेदार शिविर में शामिल होने का मौका मिल जाये तो उसे आनंद आ जाता है।

दलित उत्पीड़न : मध्य प्रदेश में दलित युवती की मौत, परिजनों ने लगाया रंजिशन हत्या का आरोप

पिछले साल अपने भाई की हत्या का दावा करते हुए पुलिस में मामला दर्ज कराने वाली दलित समुदाय की अंजना अहिरवार की रविवार को सागर में अपने चाचा के शव को ले जाते समय एम्बुलेंस से गिरने के बाद मृत्यु हो गई। उसकी मौत ने राजनीतिक गलियारे में हलचल तेज कर दी है। प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने दावा किया कि अंजना के भाई की अगस्त में बरोदिया नोनागिर में सरेआम हत्या कर दी गई थी और उनका परिवार अब भी न्याय का इंतजार कर रहा है।

बीएचयू के डॉ ओम शंकर के आमरण अनशन के समर्थन में सामाजिक संगठनों ने निकाला जुलूस मार्च

बीएचयू में विगत दो सप्ताह से अस्पताल में व्याप्त विभिन्न अनियमितताओं और भ्रष्टाचार को समाप्त करने की मांग को लेकर ह्रदय रोग विभाग के प्रो. ओमशंकर अपने कक्ष में ही आमरण अनशन पर हैं। लेकिन अभी तक न तो बीएचयू प्रशासन और न ही शासन की ओर से इस पर कोई कार्रर्वाई होती दिख रही है।

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शिक्षा व्यवस्था को पूरी तरह मुफ्त और जनसुलभ बनाने के लिए भाजपा को हराना होगा

भाजपा सरकार की नीतियाँ हमेशा से जन विरोधी रही हैं। नई राष्ट्रीय शिक्षा उन्हीं में से एक है। यह पूरी तरह मजदूर, किसान एवं आम जनता के बच्चों के लिए शिक्षा से बेदखली का दस्तावेज है।