Sunday, June 23, 2024
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मिर्ज़ापुरी कजरी और लोककवि बफ्फत शेख एक दूसरे के पर्याय हैं

मिर्जापुरी कजरी को आज जो भी मुकाम हासिल है उसमें बप्फ़त का केंद्रीय योगदान है। कहा जा सकता है कि वह मिर्जापुरी कजरी के पितामह थे। वह वैसे ही थे जैसे आगरे में नज़ीर अकबराबादी थे।

सोनभद्र में सूख गये हैं नाले, बढ़ती जा रही है पानी की किल्लत

हर घर नल और नल में जल का दावा करने वाली डबल इंजन की सरकार की वास्तविकता सोनभद्र जिले के सुकृत और उसके आसपास के गांवों में पहुँचने पर मालूम हुई।

Loksabha Election 2024 : PM मोदी के विकसित भारत में रोज़गार की राह देख रहे ग्रामीण !

भाजपा के 10 वर्ष के शासनकाल में गरीब जनता सुविधाओं की आस देखते हुए गरीब ही रह गई।

Banaras : कांशीराम आवास में रहने वाले सैकड़ों लोग क्यों नारकीय जीवन जीने के लिए मजबूर हैं?

कांशीराम आवास कम आमदनी वालों के लिए बनाया गया था लेकिन आज इन आवासों की स्थिति बहुत ही जर्जर हो चुकी है।

काशी : अंतिम संस्कार के लिए परिजन अपनों की लाशें लेकर इधर से उधर क्यों भटक रहे हैं?

भारत देश में काशी नगरी पर आस्था रखने वालों की यह दिली तमन्ना होती है कि मरने के बाद उनका अंतिम संस्कार इसी नगरी में किया जाये। यहाँ अंतिम संस्कार के लिए आसपास के लोग आते भी हैं। लेकिन इधर प्रशासन ने शव ले जाने वाले मणिकर्णिका रास्ते में बदलाव कर भैंसासुर घाट से ले जाने का आदेश जारी कर जनता के लिए परेशानी खड़ी कर दी है।

मिर्ज़ापुरी कजरी और लोककवि बफ्फत शेख एक दूसरे के पर्याय हैं

मिर्जापुरी कजरी को आज जो भी मुकाम हासिल है उसमें बप्फ़त का केंद्रीय योगदान है। कहा जा सकता है कि वह मिर्जापुरी कजरी के पितामह थे। वह वैसे ही थे जैसे आगरे में नज़ीर अकबराबादी थे।

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हर घर नल और नल में जल का दावा करने वाली डबल इंजन की सरकार की वास्तविकता सोनभद्र जिले के सुकृत और उसके आसपास के गांवों में पहुँचने पर मालूम हुई।

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Bhadohi के विद्यार्थियों के सपनों में रंग भरते रामलाल

भदोही के प्राइमरी स्कूल बड़वापुर में शिक्षक रामलाल यादव विद्यार्थियों के सपनों को साकार करने में लगे है, वह आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को राष्ट्रीय आय एवं योग्यता आधारित छात्रवृत्ति परीक्षाओं के लिए तैयार करते हैं