Friday, May 24, 2024
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लोकविद्या भाईचारा को समर्पित ‘चित्रा सहस्रबुद्धे’ का जीवन

लोगों की चेतना जिस तरफ खुलती है, वही उनका कर्म क्षेत्र बन जाता है और फिर लोग अपना जीवन उसी में लगा देते हैं। ऐसी ही एक शख्सियत हैं चित्रा सहस्त्रबुद्धे, जिन्होंने अपना पूरा जीवन लोकविद्या जन आंदोलन के माध्यम से कारीगर समाज के पुनर्निर्माण के रास्ते बनाने के लिए लगा दिया। चित्रा जी लोकविद्या जन आंदोलन की राष्ट्रीय समन्वयक हैं। उनके अनुसार सामान्य लोगों (विशेषकर किसान, कारीगर, आदिवासी, स्त्रियाँ और छोटी पूंजी के उद्यमी आदि) के पास जो ज्ञान है, उसमें उनके और वृहत समाज के पुनर्निर्माण का आधार है। इसे ही लोकविद्या कहा जाता है और आज भी इसी में समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सक्रियता, पहल और चेतना के पुनर्स्थापना की चाभी है।

सोनभद्र : सत्ता, भ्रष्ट व्यवस्था और गरीबी से जूझते हुये न्याय के लिए संघर्ष और जीत के नायक

सोनभद्र जिले की दुद्धी विधानसभा के भाजपा विधायक रामदुलार गोंड द्वारा बलात्कार की शिकार होनेवाली लड़की के बड़े भाई रामसेवक प्रजापति ने न्याय के लिए नौ साल लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी। अनेक धमकियों और मुकदमों को झेलते हुये भी उन्होंने हार नहीं मानी। 15 दिसंबर 2023 को एमपीएमएलए कोर्ट ने रामदुलार गोंड को नाबालिग लड़की से रेप के मामले में 25 साल के कठोर कारावास और 10 लाख रुपए जुर्माने की सज़ा सुनाई।

पुंछ : बीमारी और आर्थिक तंगी से जूझता एक परिवार, समाज के लिए प्रेरणादायक है

हर परिवार की धुरी एक स्त्री होती है, उसके ही इर्द-गिर्द पति, बच्चे और परिवार के सभी सदस्यों का जीवन गुजरता है लेकिन किसी स्त्री की गंभीर बीमारी हो जाने से पूरा परिवार अस्त-व्यस्त हो जाता है। ऐसा ही एक गरीब मजदूर गुलाम मुहम्मद का अपने जीवनसाथी परवीन की मानसिक स्थिति कमजोर होने के बाद उसकी और बच्चों की जिस तरह देखभाल किया वह अद्भुत है।

जौनपुर: गाय-भैंसों के संकटमोचक  

हर काम का प्रशिक्षण नहीं लिया जाता, कुछ काम ऐसे होते हैं जो व्यक्ति स्थितियों को देखते-सुनते सीख लेता है। जौनपुर जिले के बेलापार गाँव के निवासी भानु प्रताप यादव ऐसे ही भगत परंपरा के आदमी है। जो गाय-भैंसों के बच्चे पैदा होते समय होने वाली परेशानियों का मिनटों में निपटारा करते हैं।

जौनपुर : शादी की 40वीं सालगिरह पर बांटे 40 बक्सा पुस्तकालय, अतुल यादव रच रहे हैं सामाजिक चेतना का नया संसार

अतुल यादव विगत कई वर्षों से पढ़ने वाले तेज लेकिन आर्थिक रूप से विपन्न विद्यार्थियों के लिए किताबें मुहैया कराते आ रहे हैं। वह बताते हैं कि हर साल सेशन की शुरुआत में बच्चों को किताबें देते हैं और उनके अगली कक्षा में जाने के बाद उन्हें उस कक्षा की किताबें देकर पिछली किताबें लेते हैं और अन्य बच्चों को किताबें मुहैया कराते हैं।

लोकविद्या भाईचारा को समर्पित ‘चित्रा सहस्रबुद्धे’ का जीवन

लोगों की चेतना जिस तरफ खुलती है, वही उनका कर्म क्षेत्र बन जाता है और फिर लोग अपना जीवन उसी में लगा देते हैं। ऐसी ही एक शख्सियत हैं चित्रा सहस्त्रबुद्धे, जिन्होंने अपना पूरा जीवन लोकविद्या जन आंदोलन के माध्यम से कारीगर समाज के पुनर्निर्माण के रास्ते बनाने के लिए लगा दिया। चित्रा जी लोकविद्या जन आंदोलन की राष्ट्रीय समन्वयक हैं। उनके अनुसार सामान्य लोगों (विशेषकर किसान, कारीगर, आदिवासी, स्त्रियाँ और छोटी पूंजी के उद्यमी आदि) के पास जो ज्ञान है, उसमें उनके और वृहत समाज के पुनर्निर्माण का आधार है। इसे ही लोकविद्या कहा जाता है और आज भी इसी में समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सक्रियता, पहल और चेतना के पुनर्स्थापना की चाभी है।

सोनभद्र : सत्ता, भ्रष्ट व्यवस्था और गरीबी से जूझते हुये न्याय के लिए संघर्ष और जीत के नायक

सोनभद्र जिले की दुद्धी विधानसभा के भाजपा विधायक रामदुलार गोंड द्वारा बलात्कार की शिकार होनेवाली लड़की के बड़े भाई रामसेवक प्रजापति ने न्याय के लिए नौ साल लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी। अनेक धमकियों और मुकदमों को झेलते हुये भी उन्होंने हार नहीं मानी। 15 दिसंबर 2023 को एमपीएमएलए कोर्ट ने रामदुलार गोंड को नाबालिग लड़की से रेप के मामले में 25 साल के कठोर कारावास और 10 लाख रुपए जुर्माने की सज़ा सुनाई।

पुंछ : बीमारी और आर्थिक तंगी से जूझता एक परिवार, समाज के लिए प्रेरणादायक है

हर परिवार की धुरी एक स्त्री होती है, उसके ही इर्द-गिर्द पति, बच्चे और परिवार के सभी सदस्यों का जीवन गुजरता है लेकिन किसी स्त्री की गंभीर बीमारी हो जाने से पूरा परिवार अस्त-व्यस्त हो जाता है। ऐसा ही एक गरीब मजदूर गुलाम मुहम्मद का अपने जीवनसाथी परवीन की मानसिक स्थिति कमजोर होने के बाद उसकी और बच्चों की जिस तरह देखभाल किया वह अद्भुत है।

जौनपुर: गाय-भैंसों के संकटमोचक  

हर काम का प्रशिक्षण नहीं लिया जाता, कुछ काम ऐसे होते हैं जो व्यक्ति स्थितियों को देखते-सुनते सीख लेता है। जौनपुर जिले के बेलापार गाँव के निवासी भानु प्रताप यादव ऐसे ही भगत परंपरा के आदमी है। जो गाय-भैंसों के बच्चे पैदा होते समय होने वाली परेशानियों का मिनटों में निपटारा करते हैं।

जौनपुर : शादी की 40वीं सालगिरह पर बांटे 40 बक्सा पुस्तकालय, अतुल यादव रच रहे हैं सामाजिक चेतना का नया संसार

अतुल यादव विगत कई वर्षों से पढ़ने वाले तेज लेकिन आर्थिक रूप से विपन्न विद्यार्थियों के लिए किताबें मुहैया कराते आ रहे हैं। वह बताते हैं कि हर साल सेशन की शुरुआत में बच्चों को किताबें देते हैं और उनके अगली कक्षा में जाने के बाद उन्हें उस कक्षा की किताबें देकर पिछली किताबें लेते हैं और अन्य बच्चों को किताबें मुहैया कराते हैं।

रामदास राही जिन्होंने भिखारी ठाकुर की यादों को सँवारने में जीवन लगा दिया

भिखारी ठाकुर के नाट्य शैली को लौंडा नाच कहने वाला जेएनयू का एक शोधार्थी जैनेन्द्र दोस्त है जो कि महाथेथर है। उसने ही रामचंद्र माझी को पाँच हजार रुपया देकर दिल्ली में अश्लीलतापूर्वक नचवाया था। अभिनय और कला की बहुत-सी भाव भंगिमाएं होती है जिसका ज्ञान सबको नहीं है। जगदीशचंद्र माथुर ने भिखारी ठाकुर को भरत मुनि के परंपरा का नाटककार कहा है और राहुल सांकृत्यायन ने उन्हें अनगढ़ हीरा कहा।