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asha prashamk dekhbahl grih
रायगढ़ का आशा प्रशामक देखभाल गृह : संसाधनों की कमी है जज़्बे की नहीं
अपर्णा -
रायगढ़ शहर में रिहैब फाउंडेशन द्वारा संचालित आशा प्रशामक देखभाल गृह में इस समय साठ से अधिक बुजुर्ग स्त्री-पुरुष और मानसिक रोगी हैं। इनमें से कई पूरी तरह ठीक हो चुके हैं लेकिन उनके घरवाले उन्हें वापस ले जाने को तैयार नहीं है। ऐसे में बिना किसी सरकारी सहायता से केवल जनसहयोग के भरोसे चलनेवाले इस प्रशामक गृह पर आर्थिक दुश्वारियाँ लगातार बढ़ रही हैं। इसकी संचालिका जस्सी फिलिप स्वयं बचपन में पोलियो का शिकार हो गई थीं लेकिन अपने जीवट से उन्होंने न केवल अपनी शिक्षा पूरी की बल्कि यह सेवा केंद्र शुरू किया। उनका जीवन एक प्रेरणादायी यात्रा है। इस संस्था के बहाने छत्तीसगढ़ में वृद्धाश्रमों पर पढ़िये अपर्णा की यह रिपोर्ट।

