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Only intellectuals deeply connected with language and society are the target of Hindutva

भाषा और समाज से गहराई से जुड़े बुद्धिजीवी ही हिन्दुत्ववादियों के निशाने पर हैं

पुरुषोत्तम अग्रवाल अपने कबीर सम्बंधी अध्ययन में जाति प्रश्न को अंग्रेजी शासन की देन बताते हुए इसे औपनिवेशिक ज्ञानकांड तक सीमित कर देते हैं,…
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