TAG
ram sita
रामचरितमानस में स्त्रियों की कलंकगाथा (भाग –2)
दुनिया का कोई भी सभ्य समाज अपनी स्त्रियों को कलंकित करने के इतने कठोर प्रतिबन्ध की कल्पना मात्र से ही सिहर जायेगा। और मज़ा देखिये कि दो अतिकुलीन महिलाएँ ही महिलाओं के लिये इन वर्जनाओं की पैरोकारी कर रही हैं। यहाँ यह भी ध्यातव्य है कि अनसूया अत्रि ऋषि की पत्नी हैं। यदि उनके द्वारा दिए गये उपदेश को ऋषि परम्परा की शिक्षा का प्रतिनिधि आधार कहा जाये तो निश्चित रूप से इसी निष्कर्ष पर पहुँचना पड़ेगा कि इन आश्रमों में जिस प्रकार की शिक्षा व्यवस्था थी, उसमें स्त्रियाँ अपने कलंक को दैवीय वरदान मानकर गौरवान्वित होती थीं।

