Browsing Category

स्त्री

आप हमारी पीठ पर डंडा मारें और हम उंगली भी न उठायें

प्यारी के बारे में जब हमें ग्राम्या संस्थान की बिन्दू सिंह ने बताया था तभी से हमारी जिज्ञासा जाग उठी कि प्यारी से चलकर मिला जाए और उनके बारे…
Read More...

क्या रिंकू को अपने परिवार का कहना मान लेना चाहिए?

‘ज़िंदगी में कभी-कभी कोई ऐसा मोड़ आता है जब यह समझ में नहीं आता कि किधर जाएँ। और अगर घर के लोग अपने मन-मुताबिक निर्णय लेने के लिए मज़बूर करने…
Read More...

जनता की लड़ाई के सिवा मेरे पास कुछ भी नहीं है

सविता रथ के बारे में उनके रिश्तेदारों और जाननेवालों ने जो भविष्यवाणियाँ की थीं वे सब झूठी साबित हो गईं, क्योंकि सविता ने कभी हार नहीं मानी।…
Read More...

घरेलू हिंसा सहते रहने से मैंने विद्रोह करना बेहतर समझा : शशिकला गौतम

शशिकला गौतम नौगढ़ में ग्राम्या संस्थान, लालतापुर द्वारा संचालित स्कूल में पढ़ाती है। इसके साथ ही वह संस्था द्वारा संचालित चिराग केंद्र में…
Read More...

महिलाओं के विरुद्ध जारी है डायन के नाम पर अपराध

भारत के कुछ राज्यों, खासकर झारखंड और उड़ीसा में स्त्रियों के विरुद्ध अपराधों में डायन कहकर उनको प्रताड़ित करना और उनकी हत्या तक कर…
Read More...

एक महिला कुली जिसने शिक्षा की मशाल जगाई

दलित आंदोलन की सशक्त क्रांतिकारी नेत्री, दलित बच्चियों की पढ़ाई के लिए विशेष रुप से प्रथम कन्या विद्यालय चोखा मेला कन्या पाठशाला खोलने वाली…
Read More...

हमारे यहाँ लड़कियां बारात में नहीं जाती हैं..

बिहार के आरा जिले के एक गाँव के शादी घर में गए। बिहार में किसी शादी में जाने का पहला मौका था। घर में खूब चहल-पहल थी। बारात शाम चार बजे…
Read More...

तुम सत्ताधारी हो मैं सत्ताहीन

फर्क तुम्हारे और मेरे में फर्क क्या है। यही न जैविक रूप से तुम पुरुष हो मैं स्त्री। तुम सत्ताधारी हो मैं सत्ताहीन। लेकिन हैं तो हम…
Read More...

शहरों में अपनी जगह बनाती ग्रामीण और कस्बाई लड़कियों के संघर्ष

छोटे शहरों, गांवों और कस्बों से जाने कितने तरह के संघर्ष से जूझती लड़कियां आंखों में बड़े-बड़े सपने लिए शहर आती हैं। पढ़ती हैं, जॉब करती…
Read More...