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बारहवीं रात

लेखक समाज के आगे मशाल लेकर चलता है यह मुहावरा अब भ्रम पैदा करता है

बातचीत का तीसरा हिस्सा लेखक का एक्टिविज्म से जुड़ना कितना जरूरी है ? लेखक को हर उस चीज़ से जुड़ना चाहिए जो लोगों की ज़िन्दगी में सकारात्मक…
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