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प्रभाष जोशी ब्राह्मण थे, इसलिए बकवास भी खूब लिखते थे डायरी (6 अगस्त, 2021)

“तिलक, तराजू और तलवार, इनको मारो जूते चार” का नारा कांशीराम ने दिया था। उन्होंने यह नारा क्यों दिया था, यह मुझे तब समझ में नहीं आता था जब…
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