छत्तीसगढ़ किसान सभा के प्रदेश अध्यक्ष जवाहर सिंह कंवर ने मांग की है कि रेल विस्तार के कारण हुए नुकसान को ठीक किया जाए और बांकी मोंगरा से मड़वाढोढा एवं पुरैना गांव जाने वाले मुख्य मार्ग को तत्काल ठीक कराया जाए, अन्यथा रेल विस्तार के कार्य को अनिश्चित काल के लिए बंद रखा जाएगा।
एसईसीएल ने स्वीकारा, भूविस्थापितों की आर्थिक नाकेबंदी से 5.39 करोड़ का नुकसान
कोरबा। एसईसीएल ने स्वीकार किया है कि 11-12 सितम्बर को छत्तीसगढ़ किसान सभा...
कोरबा। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने कटघोरा विधानसभा क्षेत्र से जवाहर सिंह कंवर को अपना प्रत्याशी घोषित किया है। एक उत्साह भरे वातावरण में पार्टी...
इस क्षेत्र में भूविस्थापितों के छोटे-बड़े सभी संगठन एकजुट हो गए हैं और उन्होंने आर्थिक नाकाबंदी का आह्वान किया था। इस आह्वान पर खनन प्रभावित 54 गांवों के हजारों ग्रामीण सड़कों पर उतर गए और आंदोलन के दूसरे दिन उन्होंने 8 किमी. लंबे कोयला खदान के अंदर जाकर सतर्कता चौक और सायलो, (जहां से ट्रेनों में परिवहन के लिए कोयला भरा जाता है और साइडिंग में जाता है) पर भू विस्थापितों ने कब्जा जमा लिया था। इस आंदोलन में महिलाएं भी अपने बच्चों को लेकर भारी संख्या में शामिल थी और रात उन्होंने सड़कों पर ही गुजारी। इससे एसईसीएल प्रबंधन की रात में कोयला परिवहन की योजना भी असफल हो गई।
छत्तीसगढ़ किसान सभा के जिला सचिव प्रशांत झा, रोजगार एकता संघ के अध्यक्ष रेशम यादव और सचिव दामोदर श्याम लंबित रोजगार प्रकरणों को जल्द निपटाने की मांग को लेकर 2 मार्च से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए थे। उनके साथ सैकड़ों भूविस्थापित ग्रामीण भी लगातार तीन दिनों से धरना में शामिल हो रहे थे। इससे प्रबंधन की परेशानियां बढ़ गई थी।