Tuesday, October 6, 2026
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रणनीतिक कौशल के रूप में खंडन मंडन की शैली का उपयोग

दलित लेखन में गांधी की नकारात्मक छवि को लेकर डॉ. अनुज कुमार ने खिन्नता प्रकट की कि दलित लेखक गांधी और आर. एस. एस. की विचारधारा में अंतर नहीं करते। गांधी को कोसने वाले नेता भी आर. एस. एस. की झंडाबरदारी में संकोच नहीं करते। जामिया में किसी तरह का जाति भेद या धार्मिक भेदभाव नहीं है।' लेखक के इस कथन पर बिस्मिल्लाह जी मुग्ध थे। उन्होंने आत्मकथा का विवेचन विमर्शों के आईने में भी किया। गंगानिया जी के जाति विषयक अनुभव अन्य दलित लेखकों से अलग हैं, इसके दो प्रमुख कारण बिस्मिल्लाह जी ने बताए-एक तो यह कि उनके पिता आर्य समाजी थे और लेखक को शिक्षा का अवसर मिला। शिक्षित और समर्थ दलित जाति की समस्या से ऊपर उठ जाता है।

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