Browsing Tag

When Ashoka drowns himself in mourning…

जब अशोक ही शोक में डुबा दे…

आप इकसठ साल के किसी आदमी की कल्पना कर सकें जिसका हृदय साठ प्रतिशत डैमेज हो चुका हो और वह साठ किलोमीटर घंटे की रफ्तार से जीवन-पथ पर दौड़ रहा…
Read More...