अर्पिता श्रीवास्तव
विविध
फ़लिस्तीन की जमीनी हकीकत : यात्रा से लौटकर
एक ज़िंदा शहर के ज़िंदा लोग किस तरह से अमानवीय परिस्थितियों में रहने को मजबूर हैं कि उन्हें पानी, बिजली और काम के लिए जूझना पड़ रहा है। कॉमरेड विनीत अपनी फ़लिस्तीन यात्रा के दौरान बेतेलहम, जेरूसलम, नाबलूस, जेनिन, आरमीनिया, जेरिकों तथा जोर्डन वैली गए थे। उन्होंने फ़लिस्तीन यात्रा के दौरान हुई दुश्वारियों और अनुभवों को साझा किया। पढ़िए, वहाँ के कठिन जीवन के संघर्ष का विस्तार से वर्णन।
संस्कृति
मनुष्यता बचाने के लिए हमें थोड़ा आदिवासी होना होगा
ढाई आखर प्रेम यात्रा इप्टा और प्रगतिशील लेखक संघ की पहलकदमी अन्य स्थानीय सांस्कृतिक संगठनों के सहयोग से शुरू की गई जिसका उद्देश्य लोगों...
संस्कृति
आज़ादी और शहीद-ए-आजम भगत सिंह
इप्टा जमशेदपुर और अन्य जन संगठन के साथियों द्वारा बीते मंगलवार की शाम को भगत सिंह को उनकी जयंती के मौके पर शिद्दत से...

