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उभयलिंगी एवं विपरीत लिंगी

साहित्यिक कृतियों में कैसे-कैसे चित्रित किये गए हैं एलजीबीटीएस?

नौवें और अंतिम दशक को हिन्दी साहित्य की स्त्री रचनाओं को स्वर्ण युग कहा जाता है। इन दो दशकों में हिन्दी  के बड़े उपन्यासों में सभी जेंडर…
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