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ब्राजील

होण्डुरास से लौटे हुये एक ज़माना बीत गया – एक

पहला हिस्सा  22 जुलाई को रात 10 बजे के.जी.गौतम ने अपनी मारुति वैन में मुझे एयरपोर्ट छोड़ा। गौतम साहब एक विशेष भारतीय प्रजाति हैं। उन्हें इस…
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बोलिविया के पास सबकुछ है, फिर भी गरीब क्यों हैं?

दिल्ली से 9 घंटे पेरिस और फिर 16 घंटे का उबाऊ वक्त चार्ल्स डी गॉल एयरपोर्ट पर बिताने के बाद 11.30 घंटे तक साओ  पाउलो का सफर अत्यंत थका देने…
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