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मिर्जा गालिब

जैसी घटनाएँ हो रही हैं वैसे में संगीत सुनकर लगता है जैसे कोई मुझे गालियां दे रहा हैं

आपकी ग़ज़लें एक दिन मैं पढ़ रही थी। उनमें घर को लेकर और शहर को लेकर आपकी तकलीफ दिखती है। क्या यह तकलीफ इन हालात को लेकर ही है ? घर मेरा एक…
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यह महज अफगानिस्तान का मसला नहीं है, डायरी (1 सितंबर, 2021)

मुझे सपनों को दर्ज करने की आदत रही है। वैसे तो रात में अनेक सपने आते हैं (कभी कभी नहीं भी आते हैं)। अधिकांश सपनों की उम्र केवल तभी तक होती…
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