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मुंशी प्रेमचंद

सामाजिक सामंतवाद और आर्थिक सामंतवाद के बीचोंबीच (डायरी 25 जनवरी, 2022) 

समाज को कैसा होना चाहिए? यह सवाल मेरी जेहन में हमेशा बना रहता है। बहुत कम ही ऐसा होता है कि मैं किसी एक नतीजे पर पहुंच पाता हूं। हालांकि एक…
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