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राकेश कबीर

केवल पैसा ही नहीं खींचता था बल्कि दिमागों पर काबू भी रखता था सिनेमा का सांप

सांप संपेरे की झपोली में हो या फिल्म के परदे पर लेकिन जनता का मनोरंजन करने की ज़िम्मेदारी सदियों से उनके ऊपर है। भूत, चुड़ैल से लेकर खतरनाक…
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भारतीय सिनेमा का मौलिक चरित्र जातिवादी है

भारत देश में फिल्म निर्माण का इतिहास सौ साल से ज्यादा पुराना है। दादा साहब फाल्के ने पहली फुल लेंथ भारतीय मोशन पिक्चर सत्य हरिश्चंद्र 1913…
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खिलाड़ियों का जीवन संघर्ष और सिनेमाई पर्दे पर उनकी छवियाँ

बॉलीवुड और खिलाड़ियों के बीच बड़े मधुर सम्बन्ध रहे हैं। क्रिकेटर्स से कई हीरोइनों ने शादी की जिसका आरम्भ शर्मिला टैगोर ने भारतीय क्रिकेट टीम…
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दौलत के दम पर कोख खरीदता पूंजीवाद

 भारतीय समाज के पिछले सौ साल के समय को ध्यान से देखें तो सन्तान पैदा न होने पर दो या तीन शादियाँ करने का प्रचलन रहा है। पौराणिक कथाओं में तो…
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सवाल पूछता एक बेचैन युवा

इकहरे शरीर और विनम्र व्यवहार के साथ फिल्मी दुनिया में धीरे-धीरे रच-बस जाने वाले डॉ. सागर ने हिन्दी सिनेमा में अपनी एक पुख्ता पहचान बना ली है…
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नदियों के बहने से ही जीवन का प्रवाह अविराम होगा !

जून 2021 के तीसरे सप्ताह में पूर्वांचल के तराई जनपदों में अभूतपूर्व बारिश हुई है।उसके पूर्व ताउते और फास नामक समुद्री चक्रवातों के प्रभाव से…
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