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साम्राज्यवाद
साम्राज्यवाद के द्रोणाचार्य और संजय
महाभारत की कथा में संजय नामक एक पात्र है, जिसके पास दिव्य दृष्टि है। अपनी दिव्य दृष्टि की बदौलत संजय, धृतराष्ट्र को कुरुक्षेत्र के मैदान में...
साम्राज्यवाद-विरोधी संघर्ष में विश्व-मीडिया की भूमिका निष्पक्ष नहीं है
तेलुगु के क्रांतिकारी कवि वरवर राव के जन्मदिन पर विशेष
वर्तमान समय में खासकर तीसरी दुनिया में जो जनान्दोलन चल रहे हैं, उनके बारे में...
क्या महत्वपूर्ण मुद्दों पर बैठकें दिशाहीन हो चुकी हैं
पूर्वांचल में किसानों की समस्याएं पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसानों की समस्याओं से कहीं ज्यादा हैं लेकिन उनका कोई मुकम्मल संगठन नहीं होने की वजह से उनका गुस्सा और उनकी तकलीफें उनके और उनके परिवार तक सीमित हो गई हैं। पूर्वांचल में किसान संगठनों के नाम पर राजनीतिक पार्टियों के आनुषांगिक संगठन ही केवल काम कर रहे हैं, इसलिए किसानों का झुकाव भी इन संगठनों के प्रति अपनापन का नहीं है। संयुक्त किसान मोर्चा की पूर्वांचल इकाई की संरचना भी कुछ ऐसी ही दिखाई दे रही है। शायद इस वजह से पूर्वांचल में कोई बड़ा किसान आंदोलन खड़ा नहीं हो पा रहा है।

