Monday, September 21, 2026
Monday, September 21, 2026




Basic Horizontal Scrolling



पूर्वांचल का चेहरा - पूर्वांचल की आवाज़

होमTagsAndhere mein

TAG

andhere mein

मजबूत कहानीकार होने के बावजूद मुक्तिबोध एक कवि की छवि से क्यों नहीं मुक्त हो पाए?

मुक्तिबोध की बड़ी पहचान कवि के रूप में है। कविता उनके अंतर्मन में रची-बसी प्रतीत होती है। शायद यही कारण है कि उनकी कहानियों की भाषा भी कवित्वपूर्ण दिखायी देतीहै। ऐसा प्रतीत होता है जैसे कविता में कहानी कहने का प्रयास किया गया है। कई स्थानों पर उनके पात्र संस्कृत नाटकों की भांति अपने संवादों में ‘मेरे देवता, मेरे ध्येय’, ‘हृदय कामने’, ‘हृदयेश्वर’ जैसे शब्दों का प्रयोग करते हैं। इन कहानियों में फेंटेसी भी है और आधुनिकता भी। उनके पात्र फेंटेसी और आधुनिकता के द्वंद्व का शिकार है। वे इस द्वंद्व से बाहर निकलने के लिए बेचैन हैं।

ताज़ा ख़बरें

Bollywood Lifestyle and Entertainment