Browsing Tag

asangghosh

सामाजिक आक्रोश और प्रतिकार का बिगुल हैं कविताएं

आदमखोर   केवल जानवर हो सकता है इंसान नहीं, तू भी इंसान नहीं हमारी हड्डियों को चाभने वाला दोपाया जानवर है आदमखोर…
Read More...

कविता में मोचीराम की प्रशंसा कवि धूमिल की ब्राह्मणवादी चाल है?

पहला भाग  पेट की भूख इस बात की परवाह नहीं करती कि कौन छोटा है और कौन बड़ा है। जहाँ से भी व्यक्ति का पेट भरता है या पेट भरने की उम्मीद…
Read More...