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#Atiq Ahamad
क्या सिर्फ दलित, पिछड़े और अल्पसंख्यक बनेंगे ‘योगी टेरर’ के टारगेट
वैसे योगी सरकार के 6 साल के शासन काल में 10 हजार से ज्यादा एनकाउंटर हो चुके हैं, जिनमें 183 अपराधी मारे जा चुके हैं, बावजूद इसके अपराध खत्म नहीं हो रहा है, बल्कि लगातार एक केंद्र से दूसरे केंद्र पर शिफ्ट हो रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव यूपी में अपराध को लेकर लगातार हमलावर हैं। उस हमले का जवाब देने के लिए योगी की पुलिस वजह बे वजह गोलियां दाग रही है। उन गोलियों पर भी अब सवाल खड़े हो रहे हैं कि आखिर अतीक और अशरफ हत्याकांड में कैमरे के सामने जिस पुलिस से बंदूक नहीं उठी वह बिना कैमरे की स्थिति में किस कूवत पर अपराधियों को मार गिराने का दंभ भरती है।
जुगनुओं का साथ लेकर रात रोशन कीजिये…
15 अप्रैल की रात करीब साढ़े दस बजे जिसे इन दिनों प्रयागराज कहा जाता है, उस इलाहाबाद में तड़-तड़ चली गोलियों की गूँज सहज...
माफिया राजनीति के हिस्सा रहे बाकियों का एनकाउंटर क्यों नहीं
झांसी में असद और गुलाम के एनकाउंटर पर रिहाई मंच के महासचिव राजीव यादव ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जाति-धर्म की राजनीति के चलते...

