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अन्य पात्र के माध्यम से घटनाओं को व्यक्त करना हमेशा ही दोयम दर्जे का होगा

दूसरा हिस्सा आपकी पहली किताब कब आई? मेरी पहली पुस्तक प्रवंचना 1978 में तैयार हो गई थी जिसके प्रकाशन हेतु मैं और मेरे भाई साहब प्रयासरत थे।…
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कला का सारा संघर्ष लोकप्रियता से है 

सर्जनात्मकता चाहे ललित कलाओं की हो या लेखन की, लोकप्रियता के अनुबंध को तोड़ कर ही विकसित होती है और आदमी की सोच को विकसित कर पाती है।…
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