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बिहार के ग्रामीण समाज में लड़कियों के लिए उच्च शिक्षा की चुनौतियां

बिहार में महिला साक्षरता दर में वृद्धि जरूर हुई है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में उच्च शिक्षा में लड़कियों की भागीदारी अभी भी सीमित है। विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार, 2015 के आसपास यह प्रतिशत लगभग 10–12 प्रतिशत था, जो धीरे-धीरे बढ़कर 2024-25 तक करीब 18–20 प्रतिशत तक पहुंचा है। हालांकि यह वृद्धि सकारात्मक संकेत देती है, लेकिन राष्ट्रीय औसत की तुलना में यह अभी भी काफी कम है।

राजस्थान : वंचित समुदाय सरकारी योजनाओं की कमी के चलते शिक्षा पाने में नाकामयाब

राजस्थान में सरकारी स्कूलों की स्थिति का हाल कुछ ऐसा है कि स्कूलों में मास्टर की कमी सबसे बड़ी समस्या है। उदाहरण के लिए, राज्य में लगभग 1.17 लाख शिक्षण पदों पर अभी भी टीचरों की नियुक्ति नहीं हुई है। स्कूलों को उच्च माध्यमिक स्तर पर अपग्रेड किया गया है, लेकिन नए पदों पर टीचर की नियुक्ति नहीं होने के कारण कक्षाएँ नियमित रूप से नहीं चल पा रही हैं। UDISE ( Unified District Information System for Education) रिपोर्ट बताती है कि 7,688 स्कूलों में सिर्फ एक ही शिक्षक होते हैं, और 2,167 सरकारी स्कूल ऐसे हैं जहाँ एक भी छात्र नामांकित नहीं है।

शिक्षा की दिक्कत के अलावा भी ढेरों बुनियादी संरचनाओं की कमी से जूझ रहे हैं राजस्थान के गांव

अनेक बड़ी और अच्छी सरकारी योजनाओं से आज भी देश के कई गाँव वंचित हैं क्योंकि वहाँ तक कोई आधारभूत सुविधा नही पहुँच पा रही है, जिसके लिए राजस्थान में आयोजित हुए तीन दिवसीय 'राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इंवेस्टमेंट समिट 2024' में 30 ट्रिलियन निवेश से संबंधित एमओयू पर हस्ताक्षर हुए। सवाल यह उठता है कि क्या इसके बाद क्या सुविधाएं गांवों तक पहुँच पायेंगी।

पितृसत्तात्मक समाज में लड़कियों को शिक्षित करना आज भी मुश्किल

संविधान में सभी को बराबरी का अधिकार मिला हुआ है लेकिन समाज संविधान में दिये गए अधिकारों को अनदेखा कर लड़कियों के लिए अपने बनाए नियम थोपता है। पिछड़े इलाकों में लड़कियों की शिक्षा को लेकर बंदिश लगाई जाती हैं, जो उन्हे आगे बढ्ने से रोकती है।

बिहार : लड़कियों को स्कूल जाने और शिक्षित होने के मौके आज भी कम हैं

देश में जेंडर विभेद आज भी हो रहा है। शिक्षा के क्षेत्र में देखा जाय तो लड़कियों को पढ़ाने के बदले घर की जिम्मेदारियों को उठाने कहा जाता है। विशेषकर आर्थिक रूप से असक्षम परिवारों में देखने को मिलता है। अगर बिहार की बात करें तो 2011 की जनगणना के अनुसार देश में महिला साक्षरता का राष्ट्रीय औसत जहां करीब 65 प्रतिशत रहा, वहीं बिहार में महिला साक्षरता की दर मात्र 50.15 प्रतिशत दर्ज किया गया है। जो राष्ट्रीय औसत से काफी कम है।

राजस्थान के अलवर जिले के शादीपुर गांव में नहीं है कोई माध्यमिक स्कूल, प्रभावित हो रही बालिका शिक्षा

केंद्र सरकार की लाख कोशिशों के बावजूद बालिका शिक्षा की मुहीम को राजस्थान के अलवर जिले के शादीपुर गाँव में झटका लगता हुआ दिखाई दे रहा है, जहाँ लड़कियों की पढाई के लिए 12वीं तक का स्कूल ही नहीं है।

राजस्थान : ग्रामीण क्षेत्रों की लचर शिक्षा व्यवस्था बालिका शिक्षा में प्राप्ति में बाधक

पिछले कुछ वर्षों में देश के ग्रामीण क्षेत्रों में शहरी क्षेत्रों की तरह कई स्तरों पर विकास हुआ है। विशेषकर सड़क और रोज़गार के...

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