दिल्ली विश्वविद्यालय के अधिकांश छात्रावासों में ओबीसी आरक्षण लागू नहीं है। डीयू में राजनीति करने वाले छात्र संगठन एवं शिक्षक संगठन ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर मौन व्रत धारण किये हुए हैं। अपनी वेतन एवं सुविधाओं को लेकर आंदोलन करने वाले शिक्षक संगठन एवं प्रोफेसर ‘छात्रावासों में ओबीसी आरक्षण’ के मुद्दे पर चुप्पी साध लेते हैं। यही चुप्पी दिल्ली विश्वविद्यालय में मनुवादियों के वर्चस्व को बनाये रखती है।
पिछले 50 वर्षों से न जाने कितने छात्रों ने इस छात्रावास में पढ़कर अपने सपने पूरे किए, इसी हॉस्टल से पढ़कर डॉक्टर-मास्टर-इंजीनियर-पीसीएस बने। आज यह छात्रावास अपनी जर्जर अवस्था पर आंसू बहा रहा है।