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Lahore
मां की कविताएं उन किताबों में से गुम होती चली गईं जिन्हें छिपाकर दहेज के साथ ले आई थीं-1
पहला हिस्सा
मैं जब भी यहां, अपने मायके कलकत्ता आती हूं, इस कमरे के बिस्तर के इस किनारे पर जरूर लेटती हूं- जहां मां लेटा...
मैं कभी किसी कहानी आंदोलन का हिस्सा नहीं रही
बातचीत का पहला हिस्सा
आप अपने बचपन के बारे में कुछ बताएं! पुराने घर की कुछ स्मृतियां?
कलकत्ता में बीते बचपन की पुरानी स्मृतियों में एक...

