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Lalai Singh Yadav
मान्यवर कांशीराम : सामाजिक न्याय के सवालों के जवाब तलाशते माचा से शुरू हुई पदयात्रा
कार्यक्रम के उद्देश्यों के बारे में बात करते हुए संयोजकों ने कहा कि बताते चले कि देश में जाति जनगणना की मांग लंबे समय से की जा रही है। मंडल आयोग की सिफारिशों में भी जाति जनगणना कराने की बात कही गई। पिछले दिनों बिहार में जाति जनगणना के आंकड़ों के आने के बाद हम उत्तर प्रदेश सरकार से जाति जनगणना कराने की मांग करते हैं।
यादवों की घृणा के शिकार थे पेरियार ललई, केवल एक वाल्मीकि परिवार पर था भरोसा
उनके गाँव में हुये इस आयोजन में आकार जब मैं उनके पट्टीदारों से मिला तो उनमें अनेक लोगों के भीतर ग्लानि का भाव था। उनको इस बात का गहरा मलाल है कि उनके महान पूर्वज के साथ किस तरह बदसलूकी हुई। लेकिन मैंने उनसे कहा कि ललई सिंह के तो पिता उनके खिलाफ नहीं थे लेकिन महात्मा फुले को तो उनके पिता ने ही ब्राह्मणवादियों के बहकाने पर घर से बाहर निकाल दिया था। सभी महामानवों के साथ समाज ने पहले बुरा सुलूक ही किया है लेकिन बाद में चलकर उन्हें इस बात का अहसास हुआ कि उन्होंने गलत व्यवहार किया था। आखिर किस महामानव को कुछ भी आसानी से मिल गया था।

