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डायरी

आरएसएस का खिलौना बन रहे नरेंद्र मोदी, नीतीश और मायावती जैसे शूद्र (डायरी  21 फरवरी, 2022) 

सत्ता महत्वपूर्ण है। इतनी महत्वपूर्ण कि सत्ता जिसके पास जबतक रहती है, उसे इस बात का अहसास होता है कि वह सर्वशक्तिमान है और वह जो चाहे सो…
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यह महज अफगानिस्तान का मसला नहीं है, डायरी (1 सितंबर, 2021)

मुझे सपनों को दर्ज करने की आदत रही है। वैसे तो रात में अनेक सपने आते हैं (कभी कभी नहीं भी आते हैं)। अधिकांश सपनों की उम्र केवल तभी तक होती…
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पंचायतों से विधानसभा और लोकसभा, केवल मौजां ही मौजां नहीं, अनाथ होते बच्चे और विधवा होती महिलाएं भी…

बिहार में पंचायती राज निकायों के चुनावों को वहां की सरकार ने सहमति दे दी है। बीते दिनों राज्य मंत्रिपरिषद ने भी इस फैसले को अपनी स्वीकृति…
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