Saturday, July 18, 2026
Saturday, July 18, 2026




Basic Horizontal Scrolling



पूर्वांचल का चेहरा - पूर्वांचल की आवाज़

होमTagsAchhut

TAG

Achhut

भाजपा पाठ्यक्रम बेहतर बना रही है या अपना इतिहास

नेहरू की आधुनिक भारत के मंदिरों की परिकल्पना को भी किताबों से हटा दिया गया है। आखिर नेहरू और सांप्रदायिक सोच एक ही किताब में एक साथ कैसे रह सकते थे। जो वाक्य हटाया गया है वह यह है: 'आखिर इस जगह, इस भाखड़ा नंगल से महान क्या हो सकता है जहाँ हजारों-लाखों ने अपना खून-पसीना बहाया और अपने जीवन का बलिदान भी दिया।

हिंदी सिनेमा में जाति के चित्रण की समझदारी

दिवंगत सुजाता पारमिता अभिनेत्री, रंगकर्मी, लेखिका और सामाजिक कार्यकर्ता थीं। वह राष्ट्रीय फिल्म एवं टेलीविज़न संस्थान, पुणे की स्नातक थीं। उन्होंने दिल्ली में आह्वान थियेटर समूह की स्थापना की। सुजाता विविध कलात्मक रुचियों से समृद्ध थीं और वारली लोककला पर विशेष काम किया था। यह लेख  उनकी पुस्तक 'मानसे की ज़ात' से लिया गया है। 

ताज़ा ख़बरें

Bollywood Lifestyle and Entertainment