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वसुधैव कुटुम्बकम अर्थात भारत को एक रखना

अनेकता में एकता, यह वाक्यांश मैंने तभी सुन लिया था जब मैं स्कूल में पढ़ता था। मैं विजयादशमी के दस दिन पहले से होने वाली रामलीला का आनंद लेता…
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संविधान पर चल रहे विमर्श के निहितार्थ

संविधान दिवस पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों और संगोष्ठियों का एक उद्देश्य यह भी होता है कि संघ परिवार एवं उसके विचारकों की संविधान के प्रति…
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हिंसा का उत्सव जायज नहीं (डायरी 12 अक्टूबर, 2021)

आडंबर और पाखंड से कोई धर्म नहीं बचा हुआ है। या कहिए कि हर धर्म में केवल और केवल आडंबर और पाखंड ही है। फिर चाहे वह कोई भी धर्म हो। अभी इसी…
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