कोरबा। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने कोरबा नगर निगम द्वारा पेश किए गए बजट को जनविरोधी बताते हुए गरीबों को लूटकर राजस्व बढ़ाने वाला बजट करार दिया है। इस बजट को समर्थन नहीं देने की घोषणा करते हुए माकपा पार्षद राजकुमारी कंवर ने जल कर, संपत्ति कर और बांकीमोंगरा के विकास के मुद्दे पर सदन से वाकआउट किया। उन्होंने आरोप लगाया कि बजट में गरीबों के लिए कुछ नहीं है और उनके लिए जल कर तथा संपत्ति कर माफ करने और बांकीमोंगरा क्षेत्र के विकास को प्राथमिकता देने के वादे से महापौर मुकर गए हैं।
उल्लेखनीय है कि माकपा की पार्षद राजकुमारी ने पहले ही महापौर से मिलकर पानी के अनाप-शनाप बिलों को निरस्त करने, गरीबों के संपत्ति कर माफ करने के साथ बांकीमोंगरा क्षेत्र के विकास के लिए बजट में स्पष्ट घोषणा की मांग की थी। लेकिन बजट में इन मुद्दों पर कुछ भी प्रावधान नहीं किया गया है। निगम बजट में महापौर के इस रुख पर अपना विरोध प्रकट करते हुए माकपा पार्षद सदन से वाकआउट कर गयीं।
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माकपा ने कहा है कि महापौर बजट पारित कराने में सफल जरूर हो गए हैं, लेकिन जनता का दिल जीतने में सफल नहीं हो पाए। माकपा के जिला सचिव प्रशांत झा ने अपनी कड़ी प्रतिक्रिया में कहा है कि अरबों के बजट में आम जनता के लिए न विकास है, न राहत। करोना काल के बाद आम जनता की आय में काफी गिरावट आई है। यही कारण है कि माकपा ने पानी के अनाप-शनाप बिलों को निरस्त करने, संपत्ति कर सहित अन्य बकाया कर माफ करने की मांग कई बार की है। आम जनता को राहत देने पर चुप्पी साधने का सीधा मतलब है कि आम जनता की समस्याओं से महापौर को कोई मतलब नहीं रह गया है, लेकिन निगम द्वारा जबरन संपत्ति और जल कर की वसूली को जनता स्वीकार करने वाली नहीं है। देशव्यापी किसान आंदोलन की तरह ही माकपा इन ‘करों’ के खिलाफ जनता संग लामबंद होकर सड़क पर उतरेगी। उन्होंने कहा कि पिछड़े हुए बांकीमोंगरा क्षेत्र के विकास के लिए बजट में कुछ नहीं है। यह क्षेत्र के नागरिकों के साथ खुला विश्वासघात है। इस क्षेत्र की जनता इसका जवाब अपने प्रतिरोध आंदोलन के जरिये देगी।




