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वाराणसी : डीएनटी समुदाय ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस एवं सावित्रीबाई फुले स्मृति दिवस मनाया

वाराणसी के बेलवा स्थित डीएनटी यूथ रिसोर्स सेंटर में अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस एवं माता सावित्रीबाई फुले स्मृति दिवस के अवसर पर नट समुदाय संघर्ष समिति एवं उड़ान (UDAAN) के संयुक्त तत्वावधान में एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

वाराणसी के बेलवा स्थित डीएनटी यूथ रिसोर्स सेंटर में अज अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस एवं माता सावित्रीबाई फुले स्मृति दिवस के अवसर पर नट समुदाय संघर्ष समिति एवं उड़ान (UDAAN) के संयुक्त तत्वावधान में एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

इस कार्यक्रम में विक्रमपुर, खरकपुर, फत्तूपुर, बेलवा हटिया, बेलवा मुसहर बस्ती, बेलवा मुस्लिम बस्ती, लठिया, हस्तिनापुर, चकइंदर, दल्लिपुर, रमईपट्टी, पूरा रघुनाथपुर, गजेंद्र, गोकुलपुर, रतनपुर, जगदीशपुर, औराव, करोंमा एवं अमौत सहित विभिन्न गांवों से लगभग 220 विमुक्त, घुमंतु एवं अर्धघुमंतु (DNT) नट और मुसहर समुदाय के महिला एवं पुरुष शामिल हुए।

कार्यक्रम में उपस्थित डॉ. अनुप श्रमिक ने सावित्रीबाई फुले के योगदान पर प्रकाश डालते हुए समुदाय के लोगों को शिक्षा के महत्व और उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया। उन्होंने कहा कि समाज में समानता और सम्मान तभी संभव है जब वंचित समुदाय शिक्षा और अधिकारों के प्रति जागरूक होंगे। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि उनका संगठन समुदाय के संघर्ष में हमेशा साथ खड़ा रहेगा।

इसके पश्चात जागृति राही ने महिलाओं पर होने वाली हिंसा के विषय में चर्चा करते हुए कहा कि यह समस्या वर्षों से चली आ रही है और आज भी कई समुदायों में महिलाएं हिंसा का सामना कर रही हैं। उन्होंने महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और संगठित होकर आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया।

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कार्यक्रम में अनुप नट ने भी सावित्रीबाई फुले के जीवन और उनके सामाजिक योगदान पर प्रकाश डाला तथा समुदाय के लोगों से एकजुट होकर अपनी समस्याओं और अधिकारों के लिए संघर्ष करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम का संचालन प्रेम नट द्वारा किया गया। उन्होंने माता सावित्रीबाई फुले के जीवन और उनके संघर्षों के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि किस प्रकार सावित्रीबाई फुले ने महिलाओं की शिक्षा के लिए कठिन परिस्थितियों में संघर्ष किया। उन्होंने यह भी बताया कि आज भी कई वंचित समुदायों की महिलाएं शिक्षा से दूर हैं, इसलिए शिक्षा के प्रति जागरूकता और भागीदारी बढ़ाना अत्यंत आवश्यक है। (प्रेस विज्ञप्ति)

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