जम्मू। विपक्षी सांसदों के निलंबन का मामला धीरे-धीरे बढ़ता ही जा रहा है। इंडिया गठबंधन जहां पहले ही इस मुद्दे पर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल चुका है वहीं अब नेशनल कॉन्फ्रेंस ने विपक्षी सांसदों के सामूहिक निलंबन की आलोचना की है और कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार का जवाबदेही से भागने का स्पष्ट मामला है।
नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रवक्ता इमरान नबी डार ने एक बयान में कहा कि उनकी पार्टी फारूक अब्दुल्ला और हसनैन मसूदी सहित सभी सांसदों के सामूहिक निलंबन की निंदा करती है।
उन्होंने कहा कि, ‘यह सरकार द्वारा जवाबदेही से भागने और संसद में पेश किए गए विभिन्न महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा से बचने का स्पष्ट मामला है। सरकार ने स्पष्ट रूप से अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए ये निलंबन किए हैं।’
नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) के प्रवक्ता ने कहा कि सवाल पूछना हर निर्वाचित जन प्रतिनिधि का अधिकार है।
JKNC MP @masoodi_hasnain joined INDIA leaders protest against suspension of 146 MPs at Jantar Mantar. pic.twitter.com/WQHmBm0XRz
— JKNC (@JKNC_) December 22, 2023
मंगलवार को निलंबित किए गए सांसदों को मिलाकर अब तक निलंबित हुए सांसदों की संख्या 141(95 लोकसभा और 46 राज्यसभा) हो गई है। भारतीय राजनीतिक इतिहास में पहली बार इतनी बड़ी संख्या में सांसदों का निलंबन किया गया है। इससे पहले इतनी बड़ी संख्या में सांसदों का निलंबन कभी नहीं हुआ था।
इतनी बड़ी संख्या में हुये निलंबन से विपक्षी खेमे ने सरकार पर अलोकतांत्रिक होने का आरोप लगाया है। शुक्रवार को विपक्ष के निलंबित सांसदों तथा इंडिया गठबंधन में शामिल पार्टियों के नेताओं ने जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन किया था इस प्रदर्शन में भी नेशनल कॉन्फ्रेंस ने हिस्सेदारी की थी। इसके साथ ही देश में कई जिला मुख्यालयों पर भी राजनीतिक दलों ने प्रदर्शन करके सरकार की इस कार्रवाई की निंदा की थी।




