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संसद

लालमणि को ठोकर मारकर बन गए श्रीनाथ

दौर कोई भी हो दिखावा और आडम्बर इंसानी फितरत का एक जरुरी हिस्सा बन गया है। शादी हो या कोई त्यौहार या कोई भी ख़ुशी का मौका,इस बहाने मनुष्य अपनी…
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पत्रकारिता, संसद, न्यायपालिका और बेपरवाह हुक्मरान (डायरी, 16 अगस्त, 2021)  

प्रधानमंत्री के पद पर बैठा व्यक्ति बेहद महत्वपूर्ण होता है। उसे अपना अपना महत्व बनाए रखना चाहिए। इसके लिए उसका उदार होना, सौम्य होना और…
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खतरे में है देश की संप्रभुता  डायरी (28 जुलाई, 2021) 

समय बहुत मूल्यवान होता है। इसकी कीमत का कोई आकलन नहीं हो सकता। ऐसा मेरा मानना है। वहीं मैं यह भी मानता हूं कि समय का बहुत अधिक ख्याल नहीं…
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