Saturday, February 7, 2026
Saturday, February 7, 2026




Basic Horizontal Scrolling



पूर्वांचल का चेहरा - पूर्वांचल की आवाज़

होमTagsDamul

TAG

Damul

हिंदी सिनेमा में जाति के चित्रण की समझदारी

दिवंगत सुजाता पारमिता अभिनेत्री, रंगकर्मी, लेखिका और सामाजिक कार्यकर्ता थीं। वह राष्ट्रीय फिल्म एवं टेलीविज़न संस्थान, पुणे की स्नातक थीं। उन्होंने दिल्ली में आह्वान थियेटर समूह की स्थापना की। सुजाता विविध कलात्मक रुचियों से समृद्ध थीं और वारली लोककला पर विशेष काम किया था। यह लेख  उनकी पुस्तक 'मानसे की ज़ात' से लिया गया है। 

मोहित करने के साथ ही असहमति की भी जगह बनाता है प्रकाश झा का सिनेमा

प्रकाश झा समाज सापेक्ष और सार्थक सिनेमा के सिद्धहस्त रचनाकार रहे हैं। उन्होंने सत्यजीत रे और मुजफ्फर अली की भांति अपने गृह प्रदेश बिहार के ज्वलंत मुद्दों और समस्याओं पर बेहतरीन फिल्में बनाई और एक बड़े दर्शक वर्ग को प्रभावित और जागरूक करने का काम किया। डाक्यूमेंटरी फिल्मों, धारावाहिकों और फिल्मों जैसी कई विधाओं मे काम करके उन्होंने सिनेमा जैसे दृश्य-श्रव्य माध्यम को समृद्ध करने का काम किया।

कितना झूठा था गाँव का मंजर

कभी गाँव को सहज, सरल और स्वाभाविक मानते हुए यह किवदंती प्रचलित हो गई थी कि भारत की आत्मा गांवों में निवास करती है।...

अपनी रीढ़ मजबूत करें प्रकाश झा (डायरी 26 अक्टूबर 2021)  

अभिव्यक्ति के अधिकार को संविधान में मौलिक अधिकारों में रखा गया है। इस अधिकार के कारण ही देश में साहित्य, मीडिया, थियेटर व सिनेमा...

ताज़ा ख़बरें

Bollywood Lifestyle and Entertainment