Saturday, April 18, 2026
Saturday, April 18, 2026




Basic Horizontal Scrolling



पूर्वांचल का चेहरा - पूर्वांचल की आवाज़

होमTagsGurudwara

TAG

gurudwara

बेअदबी और ईशनिंदा की आड़ में दलितों के खिलाफ जातिगत पूर्वाग्रहों को छिपाने की गंदी कोशिश

मूलतः पाकिस्तान में दलितों में चूड़ा समुदाय से सम्बंधित है जो सफाई पेशे से जुड़े हुए है और सामंती जातिवादी समाज के अपमान का शिकार है। उन्होंने पाकिस्तान में ईसाई धर्म अपनाया था ताकि जाति के अपमान से बच सके और भारत में इसी कारणवश आर्य समाज के प्रचारक अमीचंद शर्मा द्वारा १९२५  स्वच्छता और हाथ से मैला ढोने में लगे समुदायों के लिए 'बाल्मीकि' नाम लगा दिया गया था ताकेि उन्हें ईसाई होने से बचाया जा सके।

मंदिर प्रवेश मत करो दोस्तों  (डायरी 21 अक्टूबर, 2021) 

कल पूरे दिन एक सवाल मेरी जेहन में बना रहा। देर रात तक उस सवाल ने मेरा पीछा नहीं छोड़ा। सवाल बीते 15 अक्टूबर,...

हिंसा का उत्सव जायज नहीं (डायरी 12 अक्टूबर, 2021)

किसी महिला के आठ-दस-बारह हाथ कैसे हो सकते हैं? पहली बात तो यह कि ऐसा हो ही नहीं सकता है क्योंकि हर बांह का कंधे से जुड़ाव आवश्यक है। हर बांह के लिए एक विशेष हड्डी की आवश्यकता होगी जिसका संबंध कंधे से हो। फिर हर बांह की मोटाई होती है। ऐसे में कंधे से एक से अधिक बाहों का जुड़ाव कैसे मुमकिन है?

ताज़ा ख़बरें

Bollywood Lifestyle and Entertainment