TAG
Kumar Vijay
जर्जर पुलिया और बाढ़ के डर से थरथरा रहा है गाँव, जाने कब बनेगा बांध
गाजीपुर। जब नदी का पानी उफान पर रहता है तब यह रोड पूरी तरह से डूब जाती है और नदी का पानी बढ़ने से...
भाजपा शासित राज्यों में नहीं थम रहे दलितों-आदिवासियों-मुस्लिमों पर अत्याचार
मीडिया के पूरी तरह गोदी मीडिया बन जाने के बाद उसका काम केवल सत्ता के जूते चमकाना भर रह गया है। वह लगातार चीख-चीख...
गुजरात हाईकोर्ट से नहीं मिली राहुल को राहत, प्रियंका ने कहा- होगी सत्य की जीत
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के मानहानि केस की सजा पर दायर पुनर्विचार याचिका हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है। याचिका खारिज होने से राहुल...
आदिवासी समाज को खुश करने के लिए शिवराज सिंह चौहान ने दशमत रावत का पैर धोया
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सीधी के आदिवासी दशमत रावत को आज मुख्यमंत्री आवास बुलाकर उनका पैर धोकर माफ़ी मांगी। मुख्यमंत्री...
जाने कब से जमीन तलाश रही है बांस की खपच्चियों में उलझी हुई ज़िंदगी
यही झोंपड़ा उसका घर है, पर इसे घर भी भला कैसे कहा जा सकता है? बस पन्नियों का एक पर्दा भर है, इंसानों से भी और आसमान से भी। पन्नियों को ही पर्दे सा घेर लिया गया है और फिलहाल यही इनका घर है।
महाराष्ट्र में बड़ा राजनीतिक उलटफेर, पांच को पता चलेगा सियासी चाल का असली खेल
मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति में सत्ता की सियासत ने एक बार फिर से करवट बदल दी है। इस बार के ड्रामे में फिर से...
भाजपा के चुनावी पैंतरे और सामाजिक न्याय से समर जीतने को तैयार समाजवाद
अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीतिक पार्टियाँ अभी से अपनी सियासी जमीन तैयार करने में लग गई हैं।...
जातीय आग में जलता हुआ मणिपुर, गुजर गए पचास दिन
मणिपुर जल रहा है, यकीन मानिए यह मणिपुर भी भारत का ही हिस्सा है। भारत का हिस्सा है तो यह कहना भी गलत नहीं...
कर्नाटक विजन से एमपी मिशन की बिसात बिछाने में किन मोहरों से चाल चलेंगे डीके शिवकुमार
कर्नाटक विधानसभा चुनाव में भाजपा को जोरदार पटखनी देने की वजह से कांग्रेस के उत्साह में जबर्दस्त इजाफा हुआ है। इस इजाफे से मुग्ध...
साफ्ट से हार्ड होने के क्या होंगे सियासी मायने, 80 हराने के सपने के साथ चल पड़े हैं अखिलेश यादव
लोक जागरण यात्रा के माध्यम से सामाजिक न्याय का नायक बनने की राह पर बढ़ते अखिलेश यादव क्या कर सकेंगे 2024 में कोई उलटफेर
अखिलेश...
नियंत्रित स्वतंत्रता की प्रतीकात्मक प्रस्तावना तो नहीं है लोकतंत्र की पीठ पर राज-दंड की स्थापना
राजदंड के माध्यम से राजा होने का सपना बुना जा रहा है या धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र की भावना पर धर्म और राज-सत्ता का प्रतीक चिन्ह...

