Browsing Tag

ravan

रामचरितमानस में स्त्रियों की कलंकगाथा ( तीसरा और आखिरी भाग )

भरत और शत्रुघ्न के व्यवहार को देखकर मुझे उनके राजपुत्र होने में ही संदेह होता है। इतनी संस्कारहीतना और रिश्तों के प्रति अवमाननापूर्ण आचरण की…
Read More...

हिंसा का उत्सव जायज नहीं (डायरी 12 अक्टूबर, 2021)

आडंबर और पाखंड से कोई धर्म नहीं बचा हुआ है। या कहिए कि हर धर्म में केवल और केवल आडंबर और पाखंड ही है। फिर चाहे वह कोई भी धर्म हो। अभी इसी…
Read More...

‘लागा चुनरी में दाग’ और ‘लागल जोबनवा में चोट ‘डायरी (13 सितंबर, 2021)

स्त्रियों के विषय में स्पष्टवादी लेखिकाओं में नीलिमा चौहान बेहद खास हैं। वह ऑफिशियली पतनशील की लेखिका भी हैं। उनके विचार और शब्दों का चयन…
Read More...