Sunday, March 8, 2026
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पूर्वांचल का चेहरा - पूर्वांचल की आवाज़

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टेबल जर्नलिज्म के दौर में एक स्वतंत्र पत्रकार के सरोकार ‘आफ़त में गाँव’

पूर्वी उत्तर प्रदेश (पूर्वांचल) में जिसकी आबादी 6 करोड़ से ज़्यादा है, जो यहाँ की आबादी का एक-चौथाई है। पिछले बारह सालों में विकास के नाम पर विस्थापन की विभीषिका का दस्तावेजीकरण किताब 'आफत में गांव' में है। इस किताब में वाराणसी, आजमगढ़, चंदौली और दूसरी जगहों के गांवों का और रोजी-रोटी कमाने के लिए संघर्ष कर रहे विस्थापित लोगों से सीधे बात कर उनकी त्रासदियों को दर्ज किया गया है। यह किताब असल में हमारे देश भर के उन गांवों की कहानी दिखाती है जो ऐसे संकटों में फंसे हैं।

मैदानी गांवों की सच्ची दास्तान बताती आवश्यक किताब ‘आफत में गांव’

पत्रकारिता की भाषा और शैली में जो सुस्पष्टता वाकई में होनी चाहिए, वह इन रिपोर्ट्स को पढ़कर लगा, जो बात कही गई है, वह आंखन-देखी हों, कहीं किसी कागज में लिखी हुई बात नहीं। कागजों में लिखी हुई बात यानि प्रेस विज्ञप्तियों में काट-छांट करके खबरें लिखी जा सकती हैं,रिपोर्ट्स नहीं। रिपोर्ट और खबरों में यही बेसिक अंतर है। 'आफत में गांव' में प्रकाशित ग्राउंड रिपोर्ट्स इन बातों को साबित करती है।

वाराणसी : सभी निजी शैक्षणिक संस्थानों द्वारा मातृत्व लाभ देना जरूरी, राष्ट्रीय महिला आयोग ने दिया आदेश

राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने वाराणसी स्थित सनबीम वीमेंस कॉलेज वरुणा को शिकायतकर्ता संगीता प्रजापति को सात दिनों के अंदर मातृत्व लाभ मुहैया कराने का आदेश दिया। उन्होंने कहा- मातृत्व लाभ अधिनियम, 1961 के अनुसार मातृत्व लाभ प्रत्येक शैक्षणिक संस्थान पर लागू होता है, क्योंकि यह प्रत्येक महिला का मूलाधिकार है। मातृत्व लाभ अधिनियम के तहत यह एक बड़ी जीत हासिल हुई है।

बनारस : गांधी जयंती के अवसर पर ‘एक कदम गांधी के साथ’ पदयात्रा आरंभ

सर्व सेवा संघ की 'एक कदम गांधी के साथ' पदयात्रा गांधी जयंती के दिन वाराणसी राजघाट से शुरू की गई है, जो अनवरत 56 दिनों तक विभिन्न जिलों-प्रदेशों से होती हुई संविधान दिवस के दिन दिल्ली राजघाट में सम्पन्न होगी। यह यात्रा  1000 किमी की दूरी तय करेगी। इस यात्रा का उद्देश्य देश में चल रहे नफरत और सांप्रदायिक ताकतों के खिलाफ अहिंसात्मक तरीके से विरोध दर्ज करना है।

वाराणसी : हिन्दू कट्टरपंथी ताक़तों के दबाव में आईआईटी बीएचयू में गौहर रज़ा का कार्यक्रम रद्द 

वाराणसी स्थित आईआईटी-बीएचयू में प्रसिद्ध वैज्ञानिक, कवि और विचारक गौहर रज़ा के व्याख्यान का 23 सितंबर कोऑनलाइन कार्यक्रम हिन्दू कट्टरपंथी संगठनों के दबाव में रद्द कर दिया गया। देश में असहमति की आवाज और प्रगतिशील विचारों को कुचलने की बढ़ती प्रवृत्ति और लगातार कोशिशें फासीवादी मानसिकता का परिचायक है।

वाराणसी : ‘न्याय के दीप जलाएं -100 दिनी सत्याग्रह’ का आज 90वां दिन

जिन महात्मा गांधी जी से प्रेरित होकर पूरी दुनिया, यहां तक कि संयुक्त राष्ट्र संघ भी 2 अक्टूबर, गांधी जयंती को अहिंसा दिवस के रूप में मनाता है उन गांधी की विरासत को RSS-भाजपा सरकार ने सर्व सेवा संघ, राजघाट, वाराणसी की ऐतिहासिक धरोहर को ध्वस्त कर दिया। इसे वापस पाने के लिए विनोबा भावे की जयंती 11 सितंबर से 100 दिनी उपवास शुरू कर अहिंसा का पालन करते हुए शांतिपूर्ण तरीके से सत्याग्रह कर रहे हैं।

बुलडोजर पर नाज करने वाले कानून और संविधान के खिलाफ – मेधा पाटकर

'न्याय का दीप जलाएंगे, 100 दिनी सत्याग्रह' में आज सत्याग्रह के 89 वें दिन नर्मदा बचाओ आंदोलन एवं जन आंदोलनों का राष्ट्रीय समन्वय की नेत्री मेधा पाटकर उपवास पर बैठी, उन्होंने सरकार को घेरते हुए कहा कि देश में आम जनता रोजी-रोटी, गरीबी, भूखमरी झेल रही है। उसका लगातार शोषण हो रहा है लेकिन सरकार पूँजीपतियों के लिए देश की विरासत को तहस-नहस करने में व्यस्त है क्योंकि यह जनता की नहीं बल्कि पूंजीपतियों की सरकार है।

वाराणसी : सत्याग्रहियों की ताकत से फिर घबराई सरकार, सत्याग्रह जबरन बंद करवा गांधीवादियों को किया गिरफ्तार 

आज जहाँ हरियाणा और पंजाब के किसानों को दिल्ली आने से रोकने के लिए हजारों पुलिस वालों को सीमा पर डंडे, हथियार और पानी के टैंकों के साथ तैनात किया गया ताकि किसान दिल्ली में प्रवेश न कर पाए, वहीँ आज वाराणसी  में न्याय के दीप जलेंगे, 100 दिनी सत्याग्रह में बैठे लोगों उठाकर भगा दिया और 87वें दिन उपवास कर रहे 4 लोगों को गिरफ्तार कर सत्याग्रह बंद करवा दिया। यह सोचने वाली बात है कि सरकार शांतिपूर्ण तरीके से चल रहे आन्दोलन को जबरन बंद करवा अभिव्यक्ति के संवैधानिक अधिकारों को खत्म करने का काम कर रही है। अगस्त 2023 में सर्व सेवा संघ परिसर में रह रहे लोगों को बेदखल कर वहां बने हुए घर और संस्थान पर बुलडोजर चलवाकर ज़मींदोज़ करवा दिया गया ताकि वहां अदानी-अम्बानी के माल बन सके। यह सरकार विरासत सहेजने की बजाय उसे ध्वस्त करने पर भरोसा करती है।

वाराणसी : आज सत्याग्रह के 86 वें दिन दीनदयाल चौधरी ने कहा – सरकार दमनकारी नीति छोड़े

गांधी विरासत को बचाने के लिए वाराणसी स्थित राजघाट परिसर के सामने चल रहे सत्याग्रह का आज 86 वां दिन है।  स्वतंत्रता आंदोलन में विकसित हुए लोकतांत्रिक भारत की विरासत और शासन की मार्गदर्शिका- संविधान को  बचाने के लिए 11 सितंबर (विनोबा जयंती) से सर्व सेवा संघ के आह्वान पर ‘न्याय के दीप  जलाएं -100 दिनी सत्याग्रह’ जारी है जो 19 दिसंबर 2024 को संपन्न होगा। सत्याग्रह आज सर्व धर्म प्रार्थना एवं गीता पाठ के साथ अपने 86 वें पायदान पर पहुंच गया है।

वाराणसी : सर्व सेवा संघ परिसर को नष्ट कर सरकार परम्परा और संस्कृति को नष्ट कर रही है – टीके एस अजीज़

गांधी की विरासत को बचाने के लिए वाराणसी स्थित राजघाट परिसर के सामने चल रहे सत्याग्रह का आज 84 वां दिन है। आज गांधीवादी कार्यकर्ताओं ने स्वतंत्र भारत के प्रथम राष्ट्रपति एवं संविधान सभा के अध्यक्ष डॉ राजेंद्र प्रसाद को अपनी श्रद्धांजलि दी।

कैफियत से आजमगढ़ के किसान हरदोई में सोशलिस्ट किसान सभा के राष्ट्रीय सम्मेलन के लिए रवाना

सोशलिस्ट किसान सभा के राष्ट्रीय महासचिव ने बताया कि हरदोई में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में आज़मगढ़ से किसानों-मज़दूरों और तमाम किसान नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल शामिल होने रवाना हो चुका है।
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