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कैफियत से आजमगढ़ के किसान हरदोई में सोशलिस्ट किसान सभा के राष्ट्रीय सम्मेलन के लिए रवाना

सोशलिस्ट किसान सभा के राष्ट्रीय महासचिव ने बताया कि हरदोई में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में आज़मगढ़ से किसानों-मज़दूरों और तमाम किसान नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल शामिल होने रवाना हो चुका है।

3 दिसंबर 2024 को हरदोई में आयोजित सोशलिस्ट किसान सभा के राष्ट्रीय सम्मेलन में आजमगढ़ किसान जाएंगे।
सोशलिस्ट किसान सभा के राष्ट्रीय महासचिव राजीव यादव ने बताया कि हरदोई में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में आज़मगढ़ से किसानों-मज़दूरों और तमाम किसान नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल शामिल होगा। राष्ट्रीय सम्मेलन में देश भर से किसान नेता आएंगे और किसानों-मज़दूरों के हालात पर चर्चा करते हुए आगे की योजना बनाई जाएगी।
आज़मगढ़ से सोशलिस्ट किसान सभा के राष्ट्रीय सम्मेलन में सोशलिस्ट किसान सभा राष्ट्रीय महासचिव, पूर्वांचल किसान यूनियन महासचिव वीरेंद्र यादव, सोशलिस्ट किसान सभा के निज़ामाबाद प्रभारी श्याम सुंदर मौर्या, सगड़ी प्रभारी नंद लाल यादव, मेंहनगर प्रभारी हीरालाल यादव, भारतीय किसान यूनियन से अवधेश यादव और जनपद के अन्य किसान नेताओं के साथ किसानों-मज़दूरों का प्रतिनिधिमंडल शामिल होगा।
सोशलिस्ट किसान सभा  में नीचे दिए मुद्दों पर बातचीत की जाएगी –
1. किसान को प्रत्येक गोवंश का रु. 50 प्रति दिन की दर से उसके खाते में दिया जाए ताकि किसानों को खुले पशुओं की समस्या से निजात मिले।
2. आजमगढ़ में अंतराष्ट्रीय हवाई अड्डे, औद्योगिक क्षेत्र/पार्क, सड़क चौड़ीकरण के नाम से कोई भी भूमि बिना किसानों की सहमति के न ली जाए।
3. सभी कृषि उत्पादों का न्यूनतम समर्थन मूल्य कानूनी गारंटी के रूप में मिले।
4. कृषि में निजी कम्पनियों के प्रवेश पर रोक लगे।
5. चक मार्गों पर यदि कब्जा है तो उन्हें कब्जामुक्त कराया जाए।
6. किसानों को खाद सुगम तरीके से उपलग्ध कराई जाए। सब्सिडी कम्पनी के बजाए किसान को दी जाए।
7. जैविक खेती को बढ़ावा दिया जाए।
8. बोरिंग कराने का काम ठेकेदारों से मुक्त कराकर किसान को सीधे कराने दिया जाए।
9. 2015 के उ.प्र. उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल को फैसला लागू करते हुए सरकारी वेतन पाने वालों के बच्चों को सरकारी विद्यालयों में पढ़ना अनिवार्य किया जाए।
10. खेती की सारी मजदूरी का पैसा महात्मा गांधी ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना से दिया जाए। मजदूरी की दर रु. 400 प्रतिदिन की जाए।
11. किसान को रु. 5,000 प्रति माह पेंशन दी जाए। अन्य पेंशनों का पाना भी आसान बनाया जाए।
12. किसान सम्मान निधि कम से कम रु. 24,000 सालाना हो।
13. रोजगार को मौलिक अधिकार बनाया जाए। |(प्रेस विज्ञप्ति)

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